New Delhi: हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। बारिश के चलते जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं, वहीं सैकड़ों सड़कें यातायात के लिए बाधित हो गई हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) के मुताबिक, दो नेशनल हाइवे सहित करीब 400 सड़कें बंद कर दी गई हैं। मंडी जिले में 221 और कुल्लू जिले में 102 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अलावा नेशनल हाइवे-3 (मंडी-धर्मपुर रोड) और एनएच-305 (औट-सैंज रोड) भी बंद कर दिए गए हैं।
बिजली व जलापूर्ति पर असर, येलो अलर्ट जारी
बारिश ने केवल सड़क परिवहन ही नहीं, बल्कि बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। 208 बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर और 51 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हो चुकी हैं। स्थानीय मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए 30 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। आने वाले सात दिनों के लिए कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। शनिवार रात से ही राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा रही है।
कहां कितनी हुई बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पंडोह में सबसे अधिक 123 मिलीमीटर, कसौली में 105 मिलीमीटर और जोत में 104.6 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा मंडी व करसोग में 68 मिलीमीटर, जोगिंदरनगर में 54 मिलीमीटर, नादौन में 52.8 मिलीमीटर, बग्गी में 44.7 मिलीमीटर और धरमपुर में 44.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शिमला, सुंदरनगर, कांगड़ा, भुंतर और जुब्बड़हट्टी सहित कई जगहों पर गरज के साथ बारिश हुई।
अब तक 152 मौतें और हजारों करोड़ का नुकसान
एसईओसी की रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जून से मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 152 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 लोग लापता हैं। राज्य में 75 बार अचानक बाढ़, 40 बार बादल फटने और 74 बड़े भूस्खलन की घटनाएँ दर्ज की गई हैं। अब तक बारिश से संबंधित घटनाओं में प्रदेश को लगभग 2,347 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। मानसून सीजन (1 जून से 24 अगस्त) के दौरान हिमाचल में 662.3 मिलीमीटर बारिश हुई है, जो सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक है।
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Ms. Pooja, |
