New Delhi: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत इन दिनों जबरदस्त गर्मी और लू की चपेट में हैं। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि बीकानेर, बाड़मेर, चुरू, फलौदी, जैसलमेर और कोटा जैसे इलाकों में भी पारा 45 डिग्री के पार बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार अगले 3 दिनों में तापमान में 2-3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है। बीकानेर मंडल में 8 से 10 जून के बीच गर्म हवाएं 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
राजधानी दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में भी गर्मी का प्रकोप
रविवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री और न्यूनतम 27.7 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार को यहां धूल भरी तेज हवाएं चलने की संभावना है और तापमान 43 डिग्री तक पहुंच सकता है। हवा की गुणवत्ता मध्यम स्तर पर रही और शाम 5:30 बजे सापेक्ष आर्द्रता 31% दर्ज की गई। हरियाणा के रोहतक और सिरसा में भी पारा 45 डिग्री को पार कर गया है, जिससे लोगों को लू का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने 9 जून को भीषण गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। उधर, जम्मू में पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया है और लू के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.9 डिग्री अधिक 31.9 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि पहलगाम और गुलमर्ग जैसे इलाकों में भी तापमान बढ़ा है।
सिक्किम में भूस्खलन और बाढ़ से राहत कार्य जारी
उत्तरी सिक्किम के चातेन क्षेत्र में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों से अब तक लगभग 2,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। रविवार को MI-17 हेलीकॉप्टर की मदद से 48 लोगों को पाकयोंग के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पहुंचाया गया, इनमें तीन बच्चे और 20 सैन्यकर्मी शामिल थे। 1 जून को सेना का शिविर भूस्खलन की चपेट में आ गया था, जिसमें तीन सैनिकों की मौत हो गई थी और छह अभी भी लापता हैं। राज्य सरकार द्वारा राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
असम में बाढ़ की स्थिति में सुधार, लेकिन खतरा कायम
असम में बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन अभी भी 11 जिलों के 741 गांवों में 2.59 लाख लोग प्रभावित हैं। राज्य में अब तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 26 हो चुकी है। ब्रह्मपुत्र सहित कई प्रमुख नदियों का जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में अभी भी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 24,000 से अधिक लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है और 6,311 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें डूबी हुई हैं।
मई 2025 बना सबसे अधिक वर्षा वाला महीना
भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि 1901 के बाद से मई 2025 सबसे अधिक वर्षा वाला महीना दर्ज किया गया है। इस वर्ष मई में देश भर में औसतन 126.7 मिमी वर्षा हुई है, जो दीर्घकालिक औसत (LPA) 61.4 मिमी से 106 प्रतिशत अधिक है। मध्य भारत में भी इस महीने 100.9 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो एक नया रिकॉर्ड है।
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Ms. Pooja, |
