New Delhi: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर की गई टिप्पणी ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया कि महाराष्ट्र चुनाव “लोकतंत्र में धांधली की योजना” का हिस्सा था और यह “मैच फिक्सिंग” बिहार समेत अन्य राज्यों में भी दोहराई जा सकती है, जहां भाजपा को हार का सामना करना पड़ सकता है।
चुनाव आयोग की सख्त प्रतिक्रिया – आरोप बेतुके और भ्रामक
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने राहुल गांधी के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें “निराधार”, “भ्रामक” और “कानून के शासन का अपमान” बताया है। आयोग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की शिकायतों पर उसका विस्तृत जवाब दिसंबर 2024 से चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयोग ने बिना प्रमाण के लगाए गए आरोपों को न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान बताया, बल्कि इससे लाखों ईमानदार चुनाव कर्मचारियों का मनोबल गिरने की आशंका भी जताई।
राहुल गांधी ने लगाए गंभीर आरोप, मांगे जवाब
एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ पार्टी को जिताने के लिए फर्जी चुनाव कराए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में फर्जी नाम जोड़े गए, मतदान प्रतिशत कृत्रिम रूप से बढ़ाया गया, और फर्जी मतदान को बढ़ावा देने के लिए सबूत छिपाए गए। उन्होंने यह भी चेताया कि ऐसा ही बिहार जैसे अन्य राज्यों में भी हो सकता है, जहां भाजपा चुनावी चुनौती झेल रही है।
चुनाव आयोग से मांगे साक्ष्य और पारदर्शिता
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया के बाद, राहुल गांधी ने एक और पोस्ट में आयोग से सवाल पूछे। उन्होंने मांग की कि महाराष्ट्र समेत सभी राज्यों के हालिया लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए डिजिटल और मशीन-पठनीय मतदाता सूचियां सार्वजनिक की जाएं, साथ ही शाम 5 बजे के बाद की मतदान केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज जारी की जाए। राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा, “टाल-मटोल करने से आपकी विश्वसनीयता नहीं बचेगी, सच बोलने से बचेगी।”
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Ms. Pooja, |
