बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने जा रहा है नहीं । जिसे लेकर सभी पॉलीटिकल पार्टी तैयारी में जुटी हुई है। पक्ष और विपक्ष एक दूसरे के ऊपर हमलावर है और जुबानी जंग जारी है। बिहार में आगामी चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एक ओर जहां विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। इस बीच चुनावी मैदान में पहली बार कदम रखने जा रहे जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर की अगुवाई में हुए एक विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। बता दे कि प्रशांत किशोर फिर दर्ज की गई है।पटना में प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की और हंगामे को लेकर प्रशांत किशोर समेत करीब दो हजार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।बुधवार को प्रशांत किशोर अपने समर्थकों के साथ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बिहार विधानसभा का घेराव करने निकले थे। जन सुराज कार्यकर्ता जैसे ही चितकोहरा गोलंबर के पास पहुंचे, पुलिस बल ने उन्हें रोकने की कोशिश की। यहीं पर दोनों पक्षों के बीच जोरदार झड़प हुई। जन सुराज की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
प्रशांत किशोर का तीखा बयान
घटनास्थल पर मौजूद प्रशांत किशोर ने झड़प के बाद मीडिया से बात करते हुए सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा यह तो बस शुरुआत है। आने वाले तीन महीनों में इनकी हालत और खराब होगी। बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है, भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहती है। उन्होंने आगे कहा ये लोग पुलिस के पीछे छिपकर नहीं बच सकते। लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि पुलिस महज आदेशों का पालन कर रही है, लेकिन जन सुराज अपने रास्ते पर अडिग है और यह आंदोलन यहीं खत्म नहीं होगा।पटना सिटी के एसपी ने पुष्टि की है कि यह प्रदर्शन प्रतिबंधित क्षेत्र में बिना अनुमति के किया गया, जो कानून का उल्लंघन है। इस वजह से प्रशांत किशोर सहित 2000 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, जिसे बाद में शांत कराया गया।
तीन मुद्दों को लेकर किया गया था प्रदर्शन
जन सुराज की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि यह विरोध प्रदर्शन तीन अहम मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था, जिनमें भ्रष्टाचार, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी प्रमुख हैं। पार्टी का कहना है कि ये मुद्दे आम जनता से जुड़े हैं और इन्हें सदन में नजरअंदाज किया जा रहा है।इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज़ होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने प्रशांत किशोर पर फिर दर्ज किया है। जिसे लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि सरकार चाहे जितना भी जोर लगा ले हम नहीं रुकेंगे।
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