दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली पुलिस की ‘क्लोजर रिपोर्ट’ स्वीकार कर ली जिसमें भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली एक पहलवान द्वारा दायर मामले को रद्द करने की मांग की गई थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गोमती मनोचा ने कहा, “मामले को रद्द करना स्वीकार किया गया.”
इन आरोपों पर साजिश का किया था दावा
उत्तर प्रदेश से BJP के पूर्व सांसद रहे सिंह ने बार-बार सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने इन आरोपों के पीछे राजनीतिक साजिश होने का दावा किया है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से फंसाया जा रहा है। इस पूरे मामले में कई उतार-चढ़ाव आए।पहलवानों ने इंसाफ के लिए लंबा संघर्ष किया। अब देखना यह है कि दूसरे मामले में क्या होता है। अदालत का यह फैसला निश्चित रूप से कुश्ती समुदाय और राजनीति में चर्चा का विषय बना रहेगा। बृजभूषण सिंह पर लगे आरोप गंभीर हैं और इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आना जरूरी है।
बृजभूषण के समर्थकों ने की आतिशबाजी
कोर्ट का आदेश पता चलते ही बृजभूषण के सर्मथकों ने नंदिनीनगर से लेकर विश्नोहरपुर तक आतिशबाजी की और प्रसन्नता जताई। सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह ने कहा कि न्याय की जीत हुई और झूठ हार गया। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष नवाबगंज डा. सत्येंद्र कुमार सिंह ने पटाखे फोड़ने के साथ ही मिठाई बांटी।
क्या था पूरा मामला?
बृजभूषण शरण सिंह पर यह मामला नाबालिग महिला पहलवान ने यौन उत्पीड़न के आरोप के तहत दर्ज कराया था। केस पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ था, जो बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों में लागू होता है, लेकिन जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। एक अगस्त 2023 को पिछली सुनवाई में नाबालिग पहलवान और उसके पिता ने पुलिस की रिपोर्ट पर किसी तरह की आपत्ति नहीं जताई थी और जांच से संतुष्टि जाहिर की थी। इसके बाद कोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए पॉक्सो केस को बंद करने की अनुमति दे दी।
××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group
https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1