बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बीजेपी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025 को एक सवाल के जवाब में पीके ने कहा कि बीजेपी उसी तरह बिहार की जनता पर दबाव डाल रही है जैसे कि सात लोगों की हत्या के आरोपी सातवीं फेल सम्राट चौधरी को थोप रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मानसिक और शारीरिक रूप से थके हुए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर असल सत्ता पर कब्ज़ा जमाना चाहती है।
नीतीश कुमार से चुनावी चुनौती देने की अपील
प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि नीतीश कुमार मैदान में उतरते हैं, तो यह जनता के लिए बेहतर होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि नीतीश कुमार को भाषण देने और जनसभा में हिस्सा लेने की जरूरत है ताकि लोग उनके मानसिक और शारीरिक हालात को खुद देख सकें। पीके का यह भी मानना है कि जनता इस तरीके से यह समझ पाएगी कि नीतीश कुमार कितने अस्वस्थ हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी चुनावी मुकाबले में कैसी होगी।
बीजेपी पर प्रत्याशियों के नामांकन रद्द करने का आरोप
इससे पहले प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर जन सुराज के तीन उम्मीदवारों—दानापुर, ब्रह्मपुर और गोपालगंज—के नामांकन को रद्द कराने के लिए डराने-धमकाने का आरोप लगाया। पीके ने कहा कि वह पार्टी जिसे पहले “वोटकटवा” कहा जाता था, अब सबसे ज्यादा डर जन सुराज पार्टी से महसूस कर रही है।
जन सुराज पार्टी का विशेष प्रयास
प्रशांत किशोर ने यह भी बताया कि इस बार जन सुराज पार्टी ने 54 अतिपिछड़ा समाज के लोगों को टिकट दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी 70 उम्मीदवार देना चाहती थी, लेकिन कुछ कारणों से यह संभव नहीं हो सका। पीके ने दावा किया कि यह किसी भी पार्टी द्वारा अतिपिछड़ा समाज को अब तक दी गई सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। उन्होंने बीजेपी पर मुसलमान समुदाय को केवल चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
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