सीमा पर बढ़े खतरे के बीच बीएसएफ का बड़ा फैसला,पाक सीमा पर होगी ‘ड्रोन स्क्वाड्रन’ की तैनाती

drone squadron

देश की सुरक्षा को लेकर बीएसएफ की टीम ने बड़ा फैसला लिया है। बता दे की हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच अब बड़ी तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा सुरक्षा बल ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। बीएसएफ अब न केवल अपनी चौकियों को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक से लैस ‘ड्रोन स्क्वाड्रन’ भी तैनात करने जा रही है।बीएसएफ की नई योजना के तहत भारत ,पाकिस्तान सीमा पर चुनिंदा बीओपी पर एक विशेष ड्रोन स्क्वाड्रन की तैनाती की जाएगी। यह स्क्वाड्रन निगरानी, खुफिया जुटाने और आवश्यकतानुसार आक्रामक कार्रवाई करने में सक्षम ड्रोन से लैस होगा। इन ड्रोनों को चलाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित जवानों की तैनाती की जाएगी। यह पहली बार है जब बीएसएफ पाकिस्तान सीमा पर इतने संगठित और हाई-टेक ढंग से ड्रोन यूनिट उतार रही है। सुरक्षा और बढ़ेगी साथ ही दुश्मन देश की हरकतों पर पाल-पाल की नजरे बनी रहेगी।

चंडीगढ़ से होगा पूरे ड्रोन स्क्वाड्रन का संचालन

बता दे कि इस ड्रोन स्क्वाड्रन का नियंत्रण चंडीगढ़ स्थित बीएसएफ के वेस्टर्न कमांड मुख्यालय के हाथों में होगा। बीएसएफ ने यह फैसला ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की तरफ से हुए ड्रोन हमलों के अनुभव के आधार पर लिया है। उस दौरान पाकिस्तानी ड्रोनों ने सीमावर्ती इलाकों में बार-बार घुसपैठ की कोशिश की थी और एक ड्रोन ने जम्मू के खारकोला पोस्ट पर बम गिरा दिया था, जिससे दो बीएसएफ जवानों समेत एक सैनिक की जान चली गई थी।बीएसएफ अब सीमा पर मौजूद अपनी सभी चौकियों की छतों और दीवारों को अतिरिक्त सुरक्षा के साथ मजबूत बना रही है, ताकि ड्रोन हमलों या अन्य विस्फोटक हमलों से जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, बीएसएफ खुफिया और रक्षा एजेंसियों के सहयोग से सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की दिशा में भी तेज़ी से काम कर रही है। यह तकनीक दुश्मन ड्रोन की गतिविधियों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाएगी।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बिगड़े हालात,

2025 में पहलगाम आतंकी हमले में आतंकवादियों ने भारत के 26 मासूम और निर्दोष नागरिकों को गोलियों से भून दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गई थी। और इस आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेवा ने 7 में को ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए बदला पूरा किया। 7 मई को भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के नौ ठिकानों को तबाह कर दिया था। इससे ठीक पंद्रह दिन पहले 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कई सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। इस ऑपरेशन में कई बड़े आतंकी मारे गए, जिससे पाकिस्तान की ओर से बौखलाहट भरी प्रतिक्रिया देखने को मिली।फिर पाकिस्तान ने मांगी सीजफायर की भीख ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमला करते हुए सीमावर्ती इलाकों में सैकड़ों ड्रोनों के जरिए भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने इन प्रयासों को असफल कर दिया। इसके बाद भारत ने अपनी ओर से एक और जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया। भारत की सख्त प्रतिक्रिया से घबराए पाकिस्तान ने अंततः संघर्षविराम का प्रस्ताव रखा, जिसे भारत ने अपनी शर्तों के अनुसार मंजूरी दी और दोनों देशों के बीच एक नया सीजफायर समझौता लागू किया गया। साथ ही आपको बता दे की बीएसएफ की नई रणनीति इस ओर इशारा करती है कि अब सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा सिर्फ पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक के सहारे की जाएगी। ड्रोन स्क्वाड्रन और एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसी पहल न सिर्फ भारत की सीमा सुरक्षा को मजबूती देंगी, बल्कि दुश्मन को उसकी ही भाषा में जवाब देने की भारत की क्षमता को भी दर्शाएंगी।

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