समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी आगामी चुनावों में बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री पद के लिए एक मजबूत चेहरा बताया।अखिलेश यादव ने कहा कि वह चाहते हैं कि नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में प्रस्तुत किया जाए। उनका यह बयान चारों तरफ हलचल मचाने लगा है।
बिहार में मतदाता सूची को लेकर जताई चिंता
बिहार में मतदाता सूची को लेकर उठ रही आशंकाओं पर भी अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनावों में गड़बड़ी करने में माहिर है और जैसा बिहार में हो रहा है, वैसा ही, बल्कि उससे बड़ा खेल उत्तर प्रदेश में भी किया जा सकता है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा अंत में तो सबको जाना है। इशारा स्पष्ट था कि जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी।धार्मिक यात्रा और श्रद्धालुओं के हितों की बात करते हुए अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आती है, तो कांवड़ियों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोई भी दुकानदार इस यात्रा से प्रभावित नहीं होगा और त्योहारों के दौरान जनता को कोई असुविधा नहीं होगी। उनका कहना था कि मेले लोगों को जोड़ते हैं, जबकि बीजेपी केवल समाज में तनाव पैदा करने का काम करती है।शिल्पग्राम में आमों की लूट को लेकर अखिलेश ने वर्तमान सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके शासनकाल में बने शिल्पग्राम को बदनाम करने की साजिश के तहत यह सब कराया गया। उनका कहना था कि आमों को गरीबों तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था बनानी चाहिए थी, पैकेट तैयार कर बांटे जाने चाहिए थे। लेकिन सरकार ने पूरी तरह से कुप्रबंधन दिखाया और गरीबों का मजाक उड़ाया।
मथुरा-वृंदावन को लेकर जताई धार्मिक चिंता
अखिलेश यादव ने मथुरा और वृंदावन को लेकर अपनी धार्मिक भावना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र हजारों मंदिरों से भरे हुए हैं और इनकी अपनी ऐतिहासिक पहचान है। यदि वाराणसी की तर्ज पर इन मंदिरों को गिराने की कोशिश हुई, तो यह आस्था पर सीधा हमला होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर किसी को कॉरिडोर बनाना है तो पहले वेनिस जाकर देखें कि वहां किस तरह पर्यटन और संस्कृति को संरक्षित किया जाता है। उनका आरोप था कि बीजेपी की नजर केवल जमीनों पर है, न कि श्रद्धा पर।धीरेंद्र शास्त्री के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा कि असली धर्म का रास्ता सत्य का रास्ता होता है। यही सनातन धर्म की असली पहचान है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल वस्त्र बदल लेने से कोई योगी नहीं बनता। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता 2027 के विधानसभा चुनावों का इंतजार कर रही है और वह समय बदलाव लाने वाला होगा।
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