New Delhi: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में एक अहम फैसला लिया। यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई, जिसमें अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। सरकार ने साफ किया कि यह आरक्षण उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी, PAC, आरक्षी घुड़सवार एवं फायरमैन की सीधी भर्ती में लागू होगा। यह निर्णय उन पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) को लाभ पहुंचाएगा जो सैन्य सेवा पूरी करने के बाद राज्य पुलिस में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
कौन होते हैं अग्निवीर?
अग्निवीर, भारत सरकार की वर्ष 2022 में शुरू की गई ‘अग्निपथ योजना’ के अंतर्गत भर्ती किए जाने वाले सैनिक होते हैं। यह योजना थल सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए युवाओं को अल्पकालिक सेवा का अवसर देती है। इसका उद्देश्य सेना को तकनीकी रूप से दक्ष, अधिक युवा और गतिशील बनाना है। अग्निवीरों को चार साल की सेवा के लिए भर्ती किया जाता है, जिसमें छह महीने की ट्रेनिंग और साढ़े तीन साल की सक्रिय ड्यूटी शामिल होती है।
किसे मिलती है अग्निवीर बनने की पात्रता?
इस योजना में भर्ती के लिए उम्मीदवार की आयु 17.5 से 23 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद उनकी योग्यता और प्रदर्शन के आधार पर लगभग 25% सैनिकों को नियमित सेवा में रखा जाता है। शेष 75% सैनिकों को सेवा निधि के रूप में 11 से 12 लाख रुपये तक की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है, जिससे वे आगे की जीवन योजना बना सकें।
अब यूपी पुलिस में मिलेगा आरक्षण का लाभ
राज्य सरकार का यह फैसला पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खोलेगा। विशेष रूप से, जिन युवाओं ने सेना में सेवा की है और अब नागरिक सुरक्षा बलों में सेवा देने का इरादा रखते हैं, उनके लिए यह आरक्षण सीधी भर्ती में एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। योगी सरकार का यह कदम राज्य में युवाओं को प्रोत्साहन देने और उनकी सैन्य सेवाओं का सम्मान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group
https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1
![]() |
Ms. Pooja, |
