पिछले साल अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ था। जो देश के लिए ऐतिहासिक क्षण था।राम मंदिर निर्माण के बाद अब माता सीता के मंदिर की बारी है । बता दे की माता सीता का मंदिर बिहार के सीतामढ़ी मैं बनने जा रहा है। बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित पवित्र पुनौरा धाम में मां जानकी की जन्मस्थली पर एक भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुक्रवार को विधिवत रूप से शुरू हो गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस ऐतिहासिक मंदिर की आधारशिला रखी। इस मंदिर का नाम मां जानकी मंदिर रखा गया है और इसके निर्माण कार्य को वर्ष 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।इस भव्य भूमि पूजन समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। दोपहर एक बजे शुरू हुए कार्यक्रम में शंखनाद और मंत्रोच्चार के साथ पूरे वातावरण को धार्मिक ऊर्जा से भर दिया गया।मंदिर निर्माण के इस शुभ अवसर पर अयोध्या, काशी और मिथिला से आए विद्वान आचार्यों ने वेद मंत्रों के साथ विधिपूर्वक पूजा-अर्चना संपन्न कराई। अमित शाह ने आरती कर पूरे आयोजन की शोभा बढ़ाई। यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राजनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, विशेषकर ऐसे समय में जब बिहार विधानसभा चुनाव निकट हैं।
राजनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है शिलान्यास
बता दे कि बिहार में इसी साल विधानसभा चुनाव होने जा रहा है जिसे लेकर सभी राजनीतिक पार्टी तैयारी में जुटे हुए हैं। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बड़े योजनाओं की घोषणा की है। इसी के साथ अब बिहार में सीता मंदिर निर्माण को विधानसभा चुनाव और राजनीति से जोड़ा जा रहा है।माना जा रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अब सीतामढ़ी में जानकी मंदिर का शिलान्यास भारतीय जनता पार्टी की रणनीतिक सोच का हिस्सा है। इस अवसर पर डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि यह दिन बिहार के लिए ऐतिहासिक और प्रेरणादायक है। विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन संस्कृति को समझते ही नहीं, वे ऐसे कार्यों पर प्रश्न उठाएंगे ही।
तीर्थ क्षेत्र के रूप में होगा पुनौरा धाम का समग्र विकास
पुनौरा धाम को एक विकसित तीर्थ स्थल के रूप में आकार देने की योजना पर सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि की तर्ज पर यहां भी मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास की योजना बनाई गई है। इसके तहत मंदिर परिसर के आसपास की 50 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक और व्यवस्थित वातावरण तैयार किया जा सके।अपने सीतामढ़ी दौरे के दौरान अमित शाह ने ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन दिल्ली और सीतामढ़ी के बीच चलाई गई है ताकि श्रद्धालुओं को पुनौरा धाम तक पहुंचने में और अधिक सुविधा हो सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस ट्रेन को मंजूरी दी थी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 882.87 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है। इसका क्रियान्वयन पर्यटन विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस योजना में मंदिर का विस्तार, सीताकुंड का सौंदर्यीकरण, सड़क, जल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास शामिल है। मंदिर संचालन की निगरानी के लिए बिहार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक न्यास समिति का भी गठन किया गया है।पर्यटन मंत्री राजू सिंह ने इस मौके पर कहा कि यह उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी एक भावनात्मक क्षण है क्योंकि उनकी मां मिथिला से हैं और यहां की आस्था से उनका गहरा जुड़ाव है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मंदिर का निर्माण कार्य अगले तीन वर्षों में पूर्ण कर लिया जाएगा।
××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group
https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1