वी.के. पहूजा बुलेटिन का 45वां संस्करण जारी: बेटी डॉ. मीनाक्षी पहूजा ने संभाली विरासत, पिता के सपनों को दे रहीं साकार रूप

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New Delhi: नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के ऐनेक्स भवन में आज (23 जून 2025) को “(होन.) ब्रिगेडियर डॉ. अरविंद लाल, पद्मश्री”, कार्यकारी अध्यक्ष, डॉ. लाल पाथ लैब्स द्वारा वी.के. पहूजा वार्षिक तैराकी सांख्यिकी बुलेटिन का 45वां संस्करण जारी किया गया। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में पूर्व डीसीपी श्री दयानंद सिंघल एवं प्रसिद्ध खेल पत्रकार श्री राकेश थपलियाल उपस्थित रहे।

बुलेटिन की पहली प्रति और अनुभवी कोचों का सम्मान

इस आयोजन में बुलेटिन की पहली प्रति वरिष्ठ तैराकी कोच एवं भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के पूर्व प्रशासक श्री के.वी. शर्मा को भेंट की गई। साथ ही, भारतीय खेल प्राधिकरण की दो महिला कोच — श्रीमती परंपाल जोहल और श्रीमती चंदा बरुआ को भी उनके तीन दशक से अधिक की सेवा के लिए सम्मानित किया गया। परंपाल जोहल ने 25 मार्च 1985 को SAI में कार्यभार संभाला था और 31 जुलाई 2020 को मुख्य तैराकी कोच के रूप में सेवानिवृत्त हुईं। वहीं चंदा बरुआ 1991 में SAI के श्यामा प्रसाद मुखर्जी तैराकी परिसर, नई दिल्ली से जुड़ीं और 31 जनवरी 2025 को मुख्य कोच पद से सेवानिवृत्त हुईं।

पैरा तैराकी के कोच और खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित

प्रसिद्ध पैरा तैराकी कोच रणबीर और उनके दो शीर्ष खिलाड़ियों — हिमांशु नांदल और अमन शर्मा को भी सम्मानित किया गया। हिमांशु ने उदयपुर में आयोजित 2022 की पैरा राष्ट्रीय तैराकी चैंपियनशिप में पहला स्वर्ण पदक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड हासिल किया। इसके बाद वे पहले भारतीय दृष्टिहीन तैराक बने जिन्होंने पेरिस पैरालंपिक्स और वर्ल्ड पैरा तैराकी चैंपियनशिप 2025 के लिए आवश्यक मानक (MQS और MET) प्राप्त किए। अमन शर्मा ने 2021 में ब्राज़ील में हुए 24वें डेफलंपिक्स में 7वां स्थान प्राप्त किया था तथा 2023 और 2025 में राष्ट्रीय डेफ जूनियर एवं सीनियर चैंपियनशिप में कई प्रतियोगिताएं जीतीं।

युवा तैराकों की उपलब्धियों को भी मिली पहचान

SPM स्विमिंग पूल, दिल्ली स्थित SAI-ग्लेनमार्क अकादमी के कोच देबेश्वर और उनके दो युवा तैराकों — युवराज सिंह और ध्रुव सेजवाल को भी सम्मानित किया गया। युवराज ने मलेशिया में आयोजित 59वीं मिलो/ MAS/ NSC आमंत्रण आयु वर्ग तैराकी चैंपियनशिप 2024 में दो रजत और एक कांस्य पदक जीता। वहीं ध्रुव ने 49वीं जूनियर राष्ट्रीय एक्वेटिक चैंपियनशिप 2023 में 1500, 800 और 400 मीटर स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए।

बुलेटिन की विशेषताएं

यह संस्करण न केवल श्री वी.के. पहूजा को श्रद्धांजलि देता है, बल्कि इसमें अंतरराष्ट्रीय अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित मुरलीकांत पेटकर एवं दो प्रमुख पैरा तैराकों हिमांशु नांदल और अमन शर्मा के विशेष साक्षात्कार शामिल हैं। परंपाल और चंदा बरुआ जैसी वरिष्ठ महिला कोचों पर आधारित लेख भी प्रकाशित किए गए हैं। यह बुलेटिन 460 पृष्ठों में विभाजित है, जिसमें पिछले 90 वर्षों में भारतीय तैराकों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर आधारित एक समर्पित संदर्भ खंड भी शामिल है। इसे तैराकी कोचों, पत्रकारों और खेल प्रेमियों के लिए अमूल्य पुस्तक माना जा सकता है।

मानव स्वास्थ्य, खेल और भविष्य की संभावनाओं पर बल

इस अवसर पर डॉ. अरविंद लाल ने स्वास्थ्य और फिटनेस के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि तैराकी संपूर्ण फिटनेस के लिए सर्वोत्तम खेलों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह उनका प्रिय खेल रहा है और वे माइकल फेल्प्स को ओलंपिक जैसे आयोजनों में देखना पसंद करते थे। उन्होंने स्व. वी.के. पहूजा को याद करते हुए उनकी बेटी डॉ. मीनाक्षी पहूजा द्वारा इस परंपरा को आगे बढ़ाने की सराहना की। उन्होंने आशा जताई कि यह बुलेटिन भविष्य में युवा तैराकों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

पत्रकारिता, विज्ञान और खेल का संगम

श्री राकेश थपलियाल ने वी.के. पहूजा के पत्रकारों से संबंधों को याद करते हुए बताया कि कैसे वे प्रेस विज्ञप्तियां देने खुद स्कूटर से आते थे। उन्होंने तैराकी और एथलेटिक्स को ओलंपिक पदक की दृष्टि से देश के लिए संभावनाशील बताया। डॉ. मीनाक्षी पहूजा ने इस मंच से डॉ. अरविंद लाल से आग्रह किया कि वे अपने अनुभव के आधार पर भारतीय खिलाड़ियों के लिए विशिष्ट वैज्ञानिक परीक्षण विकसित करवाएं जिससे प्रदर्शन में गिरावट के कारणों का विश्लेषण किया जा सके। डॉ. लाल ने भारतीय खेलजगत को अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया।

एक समर्पित विरासत का दस्तावेजीकरण

बुलेटिन के प्रकाशन को वी.के. पहूजा के तीन बच्चों प्रियांक पहूजा, डॉ. सुप्रिया पहूजा और डॉ. मीनाक्षी पहूजा द्वारा खेल के प्रति प्रेम, प्रतिबद्धता और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताया गया। श्री पहूजा न केवल राष्ट्रीय पदक विजेता तैराक और अंतरराष्ट्रीय वॉटर पोलो खिलाड़ी थे, बल्कि वे विभिन्न अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्यरत रहे। यह बुलेटिन उनके जीवन की विचारधारा स्वास्थ्य, आनंद और सुरक्षा के लिए तैराकी को समर्पित है। यह ऐतिहासिक बुलेटिन अब उनकी बेटी डॉ. मीनाक्षी पाहुजा की निष्ठा और विद्वत्ता के साथ एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।VK Pahuja Bulletin 4 VK Pahuja Bulletin 3 VK Pahuja Bulletin 2 VK Pahuja Bulletin 1

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Pooja Kumari Ms. Pooja,
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