नई दिल्ली — कोमल एवं वी.के. पहुजा थिएटर फेस्टिवल 2025 के शाम के सत्र में रंग, भाव और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध नृत्यांगना सुरम्या गुरु मीना ठाकुर और उनकी टीम ने मंच पर अपनी शानदार कुचिपुड़ी नृत्य प्रस्तुति से उपस्थित दर्शकों को मोहित कर दिया। उनकी नृत्य मुद्राओं, ताल और भावाभिव्यक्ति ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को और ऊँचा किया।
इस मनमोहक प्रस्तुति में शास्त्रीय नृत्य की शुद्धता और भावनात्मक गहराई का सुंदर मेल देखने को मिला। टीम के सभी सदस्यों ने ताल, लय और भाव में अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया, जिससे सभागार में हर कोई मंत्रमुग्ध हो उठा। दर्शकों ने प्रस्तुति के दौरान कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए जोरदार तालियों से स्वागत किया।
नटराज प्रस्तुति ने दर्शकों को किया भावविभोर
शाम 7:45 बजे मंचित “नटराज प्रस्तुति” ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और कलात्मक ऊर्जा से भर दिया। नटराज की लयात्मक अदाओं और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों ने दर्शकों के मन में गहरी छाप छोड़ी। इस प्रस्तुति ने नृत्य, संगीत और अभिव्यक्ति का ऐसा अद्भुत संगम पेश किया जिसे देर तक याद किया जाएगा।
शाम का समापन कला के उत्सव के रूप में
कुचिपुड़ी और नटराज प्रस्तुतियों ने मिलकर इस फेस्टिवल की शाम को कला और संस्कृति का उत्सव बना दिया। यह सत्र न केवल एक दृश्य आनंद था, बल्कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा की समृद्धता और गहराई का जीवंत उदाहरण भी साबित हुआ।
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Ms. Pooja, |
