नई दिल्ली — कोमल एवं वी.के. पहुजा थिएटर फेस्टिवल 2025 की शुरुआत सुबह 9:15 बजे उद्घाटन समारोह के साथ हुई। समारोह ने पूरे आयोजन का माहौल उत्साहपूर्ण बना दिया। इसके बाद पूरे दिन एक के बाद एक प्रभावशाली नाटकों का मंचन हुआ, जिन्होंने समाज की जटिलताओं और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त किया।
विचारोत्तेजक नाटकों ने छुआ दिल
कार्यक्रम के दौरान कई उत्कृष्ट नाटक प्रस्तुत किए गए जिनमें “खेल”, “ओडीपस”, “सरदार बिशन सिंह”, “हुकुम मालिक”, “द कोकोनट ट्री”, “माय सन इज़ अ रेपिस्ट” और “उसने कहा था” शामिल रहे। इन नाटकों की विषयवस्तु ने सामाजिक यथार्थ और भावनात्मक संघर्षों को उजागर किया। प्रत्येक प्रस्तुति ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया और कलाकारों के सशक्त अभिनय ने सभागार में गहरी छाप छोड़ी।
थिएटर के माध्यम से समाज का आईना
हर नाटक की प्रस्तुति में कलाकारों ने अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज के विविध पहलुओं को सामने रखा। चाहे वह रिश्तों की जटिलता हो या नैतिक द्वंद्व, हर कहानी ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का काम किया। इन नाटकों ने यह साबित किया कि थिएटर आज भी समाज को सोचने और बदलाव की प्रेरणा देने का सशक्त माध्यम है।
दर्शकों ने की सराहना
दिनभर चले इस रंगमंचीय आयोजन ने कला प्रेमियों को एक गहरा अनुभव प्रदान किया। दर्शकों ने हर प्रस्तुति को भरपूर सराहा और कलाकारों के प्रदर्शन पर जोरदार तालियाँ बजाईं। कोमल एवं वी.के. पहुजा थिएटर फेस्टिवल का यह चरण कला, संवेदना और अभिव्यक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।
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Ms. Pooja, |
