पिछले काफी समय से सेलिब्रिटीज के घर पर हो रही फायरिंग का मामला सुर्खियों में है। कुछ समय पहले सलमान खान के घर पर कुछ अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी जिसके बाद दिशा पाटनी और एलविश यादव जैसे मशहूर लोगों के घरों पर बदमाशों ने फायरिंग की है। जब से सलमान खान के घर पर फायरिंग हुई तब से उनका और उनके घर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई थी। हालांकि सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हो गया था और पुलिस ने फायरिंग करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद आरोपी पक्ष ने आरोपियों को जेल से बाहर निकालने की अर्जी लगाई थी।अभी सब मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है।मुंबई की एक विशेष अदालत ने अभिनेता सलमान खान के घर पर हुई गोलीबारी के मामले में आरोपी मोहम्मद रफीक ,सरदार चौधरी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि चौधरी ने इस अपराध में एक अहम भूमिका निभाई थी और वह जानबूझकर संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल था।चौधरी ने महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट के तहत सोमवार को न्यायाधीश महेश जाधव की अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी से दो दिन पहले चौधरी ने सलमान खान के गैलेक्सी अपार्टमेंट की रेकी की थी और उसका वीडियो बनाकर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को भेजा था।
अदालत ने सबूत को माना अहम
चौधरी ने पुलिस के सामने दिए अपने कबूलनामे को अदालत में स्वीकार नहीं किया, लेकिन अदालत ने अन्य सबूतों को आधार मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसमें फोन रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट शामिल हैं। चौधरी के मोबाइल में सलमान के घर के चार वीडियो पाए गए, जिसे अदालत ने प्रथम दृष्टया यह मानने के लिए पर्याप्त माना कि वह इस साजिश का हिस्सा था और उसने इस अपराध को अंजाम देने में गैंग का सहयोग किया।न्यायाधीश ने कहा कि चौधरी ने मकोका के तहत जमानत की शर्तों को पूरा नहीं किया है। अदालत ने पाया कि उसे यह साबित करना था कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं और वह जमानत मिलने के बाद कोई और अपराध नहीं करेगा। अदालत ने कहा कि चौधरी ने जानबूझकर इस अपराध में भाग लिया और अपने भतीजे के माध्यम से आर्थिक लाभ भी कमाया था।
मामला और अन्य आरोपी
14 अप्रैल 2024 की सुबह सलमान के गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर बाइक पर आए दो लोगों, विक्की गुप्ता और सागर पाल ने गोलीबारी की थी। इस मामले में चौधरी, गुप्ता, पाल, सोनू कुमार बिश्नोई और हरपाल सिंह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एक आरोपी, अनुजकुमार थापन, की पुलिस हिरासत में आत्महत्या से मृत्यु हो गई थी। इस केस की चार्जशीट में लॉरेंस और अनमोल बिश्नोई को मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया है। पुलिस ने अदालत को बताया कि चौधरी और अन्य गैंग के सदस्य इस अपराध में सक्रिय रूप से शामिल थे। अदालत ने यह भी कहा कि चौधरी को जमानत देने से इस मामले की चल रही जांच प्रभावित हो सकती है।
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