New Delhi: उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (PGT) भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में गहरी चिंता है। पहले यह परीक्षा 11 और 12 अप्रैल को होनी थी, फिर तिथि बढ़ाकर 18 और 19 जून निर्धारित की गई। लेकिन अब परीक्षा से आठ दिन पहले तक भी न तो प्रवेश पत्र जारी हुए हैं और न ही परीक्षा केंद्रों की कोई जानकारी सामने आई है। बार-बार तारीखों के बदलने से उम्मीदवारों का मनोबल टूट रहा है।
तीन साल बाद भी अधूरी परीक्षा प्रक्रिया
जून 2022 में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के 3539 पदों और प्रवक्ता (PGT) के 624 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अंतिम तिथि पहले 9 जुलाई थी, जिसे बढ़ाकर 16 जुलाई 2022 कर दिया गया। अब लगभग तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो परीक्षा आयोजित की गई और न ही भर्ती प्रक्रिया पूरी हो सकी है। इस देरी से हजारों अभ्यर्थी मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों की चिंता: भविष्य अधर में
हरिपुरम स्थित राजवंश विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कार्यरत अस्थायी प्रवक्ता विनीत कुमार पाल ने कहा कि परीक्षा पर उनका भविष्य टिका है और समय रहते प्रवेश पत्र न मिलने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। वहीं, राजकीय इंटर कॉलेज में कार्यरत सुप्रिया का कहना है कि सरकारी नौकरी में स्थायित्व की चाह लिए फार्म भरे जाते हैं, लेकिन प्रक्रिया की अनिश्चितता ने उन्हें मानसिक रूप से कमजोर कर दिया है।
“भविष्य से हो रहा खिलवाड़” – अभ्यर्थी निधि का आरोप
अभ्यर्थी निधि ने कहा कि आंदोलन के बाद तिथि तो घोषित कर दी गई, लेकिन परीक्षा के कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। प्रवेश पत्र न आने से यह स्पष्ट नहीं है कि परीक्षा होगी भी या नहीं। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया युवाओं के भविष्य से सीधे-सीधे खिलवाड़ है, जिससे उनकी तैयारी और आत्मविश्वास दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
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Ms. Pooja, |
