New Delhi: पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। चोरबागान सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें अब तक 17 लोगों की मौत और करीब 35 लोगों के घायल होने की खबर है। भारी भीड़ और बारिश के बीच स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई है। हादसे के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पंडाल में लोगों की एंट्री रोक दी गई और पुलिस, दमकल तथा आपदा प्रबंधन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं।
बारिश के बीच बढ़ी भीड़, धक्का-मुक्की से बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक, शाम के समय कोलकाता के कई हिस्सों में बारिश शुरू हुई। बारिश से बचने के लिए पंडाल के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से आगे बढ़ी, जिसके बाद धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। इसी दौरान पंडाल के निकास द्वार के पास भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कई लोग भीड़ में बेहोश होकर गिर पड़े और कुछ घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि हादसे की पूरी वजह और घटनाक्रम की आधिकारिक जांच अभी जारी है।
अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री, घायलों के इलाज पर जोर
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज किया गया है, जबकि पंडाल को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार ने हादसे से जुड़ी जानकारी के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18003455678 भी जारी किया है।
पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की मदद
इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख जताया है। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और हादसे में घायल लोगों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है और अपने पश्चिम बंगाल से जुड़े कार्यक्रम स्थगित कर घायलों से मिलने की बात कही है।
कुणाल घोष बोले- अभी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता घायलों की जान बचाना और उन्हें बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना है। उन्होंने अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ बढ़ाने और राहत-बचाव कार्य में प्रशासन के साथ सहयोग की बात कही। हादसे के बाद एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। फिलहाल राहत एवं बचाव कार्य जारी है और हादसे से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।
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Ms. Pooja, |
