New Delhi: पश्चिम बंगाल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (ममता गुट) ने आरोप लगाया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास पर पहुंची एक महिला ने उन पर चाकू से हमला करने की कोशिश की। पार्टी के मुताबिक, महिला कथित तौर पर नशे की आदी थी और उसने ममता बनर्जी के करीब पहुंचने का प्रयास किया। इस घटना के सामने आने के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, हमले की कोशिश और इससे जुड़े अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
साकेत गोखले ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद साकेत गोखले ने इस कथित घटना को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को एक महिला ममता बनर्जी के आवास पर पहुंची और चाकू से उन पर हमला करने का प्रयास किया। गोखले ने कहा कि जब जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त और तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं नेता के आवास तक इस तरह कोई पहुंच सकता है, तो राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इस घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका भी जताई और सवाल किया कि क्या इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कोई सुनियोजित योजना थी। हालांकि, बीजेपी की कथित भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
डोला सेन ने कालीघाट पुलिस को लिखा पत्र
इस मामले में तृणमूल कांग्रेस की संयुक्त महासचिव डोला सेन ने कालीघाट पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को पत्र लिखकर घटना की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की। पत्र के अनुसार, मंगलवार शाम करीब छह बजे तनिष्ठा साहा नाम की एक महिला कथित तौर पर ममता बनर्जी के आवास पर पहुंची। पत्र में महिला को सिविक वॉलंटियर बताया गया है और उसके नशीली दवाओं का सेवन करने की बात भी कही गई है। आरोप है कि महिला ने आक्रामक व्यवहार किया, खुद को ममता बनर्जी की भतीजी बताया और उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि महिला ने ममता बनर्जी को नुकसान पहुंचाने के इरादे से उनके करीब जाने की कोशिश की।
सड़क पर हंगामा करने और आवास तक पहुंचने का आरोप
पुलिस को भेजे गए पत्र में दावा किया गया है कि संबंधित महिला ने सड़क पर लेटकर भी हंगामा किया और ममता बनर्जी के लिए खतरा पैदा करने की कोशिश की। तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीर सुरक्षा चूक से जोड़ते हुए सवाल उठाया है कि जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के आवास के गेट तक कथित रूप से इस तरह पहुंच पाना कैसे संभव हुआ। पार्टी का कहना है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता चल सके। हालांकि, महिला की भूमिका, उसके व्यवहार और घटना के पूरे घटनाक्रम की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
BNSS की धारा 173 के तहत सूचना दर्ज करने की मांग
डोला सेन ने अपने पत्र में पुलिस से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत सूचना दर्ज करने और संलग्न तस्वीरों तथा वीडियो पर संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। पार्टी ने मामले में उचित पुलिस कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों और साजिश की आशंका पर आधिकारिक जांच तथा पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस शिकायत में किए गए दावों की जांच किस दिशा में आगे बढ़ाती है और कथित घटना से जुड़े तथ्यों के बारे में क्या जानकारी सामने आती है।
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Ms. Pooja, |
