एशियन गेम्स 2026: निशानेबाज अनंतजीत सिंह नरुका ने दो कांस्य पदक जीतकर रचा इतिहास, सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता को दिया

asian games 26

एशियाई खेलों के इस महाकुंभ में भारतीय निशानेबाजों का जलवा लगातार जारी है, और खेल के मैदान पर एक नया सितारा बनकर उभरे हैं अनंतजीत सिंह नरुका। स्कीट शूटिंग स्पर्धा में अपने अचूक निशानों का जादू बिखेरते हुए अनंतजीत ने भारत की झोली में दो शानदार कांस्य पदक (ब्रोंज मेडल) डाल दिए हैं। देश के लिए इस बड़ी उपलब्धि को हासिल करने के बाद इस युवा खिलाड़ी ने अपनी इस कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। उनका कहना है कि आज वे जिस मुकाम पर खड़े हैं, उसके पीछे उनके परिवार का कड़ा संघर्ष, अटूट विश्वास और उनका हर कदम पर मिला समर्थन है।

कड़े संघर्ष और परिवार के त्याग से तय किया पोडियम तक का सफर

शूटिंग जैसे महंगे और तकनीकी रूप से कठिन खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टिके रहना किसी चुनौती से कम नहीं होता। अनंतजीत सिंह नरुका के लिए भी यह सफर आसान नहीं था। अभ्यास के दौरान आने वाली आर्थिक और मानसिक बाधाओं के बीच उनके माता-पिता ने एक ढाल बनकर उनका साथ दिया। हर रोज घंटों अभ्यास करना, अपनी तकनीक को सुधारना और मानसिक रूप से मजबूत रहना—इन सबके पीछे उनके परिवार का वह हौसला था जिसने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया। जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराया, तो उनके परिवार की बरसों की मेहनत और त्याग सार्थक हो गए।

देशभर में खुशी की लहर और आने वाले मुकाबलों के लिए उम्मीदें

अनंतजीत सिंह नरुका के इस शानदार प्रदर्शन से न केवल शूटिंग प्रेमियों में जश्न का माहौल है, बल्कि पूरे भारतीय दल का मनोबल भी काफी ऊंचा हो गया है। दोहरी पदक जीत दर्ज करके उन्होंने यह साबित कर दिया है कि भारतीय एथलीट दुनिया के किसी भी बड़े मुकम्मल मंच पर मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी यह कहानी देश के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों में भी बड़े सपने देखते हैं और अपनी मेहनत के दम पर उन्हें सच कर दिखाते हैं।

××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group

https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1

Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *