भाद्रपद महीने में जब गणेश चतुर्थी का पावन पर्व आता है, तो हर घर में गणपति बाप्पा के स्वागत की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। गणेश जी को ‘प्रथम पूज्य’ माना गया है, यानी किसी भी शुभ काम की शुरुआत उनसे ही होती है। वे बहुत ही दयालु और जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं। कई लोग सोचते हैं कि बाप्पा को खुश करने के लिए बहुत भारी-भरकम पूजा-पाठ या बहुत खर्चा करना पड़ता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। गणेश जी तो भाव के भूखे हैं। अगर आप सच्चे मन से और सही तरीके से बाप्पा का ध्यान करते हैं, तो वे आपकी हर मनोकामना पूरी कर देते हैं।
हरी दूब घास अर्पित करें
गणेश जी की पूजा में अगर सबसे जरूरी कोई चीज है, तो वह है हरी दूर्वा यानी दूब घास। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गणेश जी के शरीर की जलन को शांत करने के लिए उन्हें दूर्वा चढ़ाई गई थी। तब से उन्हें यह बेहद प्रिय है। पूजा करते समय दूब घास की 21 गांठे बनाकर बाप्पा के चरणों में या मस्तक पर चढ़ाएं। ध्यान रखें कि दूर्वा हमेशा साफ-सुथरी जगह से तोड़ी गई हो और उसे धोकर ही इस्तेमाल करें।
मोदक और मोतीचूर के लड्डू का भोग
गणेश जी को मोदक और लड्डू बहुत ज्यादा पसंद हैं। चतुर्थी के दौरान रोज बाप्पा को मोदक या बेसन-मोतीचूर के लड्डुओं का भोग लगाएं। यदि घर में मोदक बनाना संभव न हो, तो आप बाजार से शुद्ध मिठाई लाकर भी चढ़ा सकते हैं। इसके अलावा गुड़ और सूखे मेवे का भोग लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है। भोग लगाते समय मन में सच्चा श्रद्धा भाव होना सबसे जरूरी है।
सिंदूर का तिलक और लाल फूल
भगवान गणेश को लाल रंग बहुत प्रिय है। पूजा के समय बाप्पा को शुद्ध गाय के घी में मिलाकर लाल सिंदूर जरूर चढ़ाएं। सिंदूर चढ़ाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सुख-शांति आती है। इसके साथ ही उन्हें लाल रंग के फूल जैसे गुड़हल या लाल गेंदे के फूल अर्पित करें। लाल रंग ऊर्जा और शुभता का प्रतीक माना जाता है।
“ॐ गं गणपतये नमः” का जाप
गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए बहुत कठिन मंत्रों को याद करने की जरूरत नहीं है। पूजा के दौरान शांत मन से बैठकर “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें। यह छोटा सा मंत्र बहुत चमत्कारी है। अगर आपके काम बार-बार अटक रहे हैं या मन में बेचैनी रहती है, तो 108 बार इस मंत्र का जाप करने से मन शांत होता है और रुके हुए काम बनने लगते हैं।
किसी बेजुबान या गरीब की मदद करें
गणेश जी केवल पूजा की थाली से खुश नहीं होते, बल्कि आपके व्यवहार से भी खुश होते हैं। गणेश उत्सव के दिनों में किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराएं, गरीबों को कपड़े या जरूरत का सामान दान करें। गणेश जी का वाहन चूहा है, इसलिए बेजुबान जानवरों और पक्षियों के लिए दाना-पानी का इंतजाम करें। जब आप किसी दूसरे का दुख दूर करते हैं, तो विघ्नहर्ता आपके दुख अपने आप हर लेते हैं।
घर में बनाए रखें सात्विक और शांत माहौल
जब तक बाप्पा आपके घर में विराजमान रहें, तब तक घर का माहौल एकदम साफ-सुथरा और पवित्र रखें। घर में किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें, कटु शब्द न बोलें और खान-पान को पूरी तरह सात्विक रखें। सुबह-शाम पूरे परिवार के साथ मिलकर बाप्पा की आरती करें। जब घर में प्रेम और भक्ति का माहौल होता है, तो बाप्पा की कृपा आपके पूरे परिवार पर हमेशा बनी रहती है।
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