दिल्ली में BRICS Summit को लेकर हाई अलर्ट, सड़कों पर कड़ा पहरा; आज इन लोगों को हो सकती है सबसे ज्यादा परेशानी

BRICS 2026

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली इन दिनों पूरी तरह हाई सिक्योरिटी जोन में नजर आ रही है। भारत मंडपम में होने वाले BRICS Summit को लेकर सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी गई है कि शहर के कई हिस्सों में आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। विदेशी मेहमानों और राष्ट्राध्यक्षों की आवाजाही को देखते हुए कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक को जरूरत के हिसाब से रोका और डायवर्ट किया जा रहा है।

समिट 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली में हो रहा है। इसे देखते हुए राजधानी में हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। दिल्ली पुलिस के करीब 15 हजार जवानों के साथ अर्धसैनिक बलों की लगभग 200 कंपनियां सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई हैं। इसके अलावा 500 से ज्यादा CCTV कैमरों के जरिए संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

दिल्ली की कई सड़कों पर असर
BRICS Summit के दौरान विदेशी मेहमानों के काफिलों की आवाजाही के कारण दिल्ली की 35 से ज्यादा प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। मथुरा रोड, शांति पथ, जनपथ, सरदार पटेल मार्ग, अशोका रोड, बाराखंभा रोड, टॉल्सटॉय मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू रोड, नीति मार्ग, पंचशील मार्ग और एपीजे अब्दुल कलाम रोड जैसे रास्तों पर खास निगरानी रहेगी।

खास बात यह है कि हर बार सड़क को लंबे समय के लिए बंद रखने की व्यवस्था नहीं है। जब भी किसी VVIP काफिले की आवाजाही होगी, उस समय कुछ देर के लिए ट्रैफिक रोका जा सकता है। काफिला गुजरने के बाद वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

नोएडा से दिल्ली आने वालों को भी परेशानी
इसका असर सिर्फ नई दिल्ली इलाके तक सीमित नहीं रहेगा। नोएडा से सेंट्रल दिल्ली, पूर्वी दिल्ली से मध्य दिल्ली और द्वारका या पश्चिमी दिल्ली से एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले लोगों को भी अतिरिक्त समय लेकर निकलना पड़ सकता है।

दिल्ली और नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले लोगों के लिए स्थिति खास तौर पर मुश्किल हो सकती है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, कैब ड्राइवरों, डिलीवरी कर्मचारियों और दूसरे रोजाना यात्रियों को अपने रूट की जानकारी पहले से रखने की सलाह दी गई है।

एक दिन में 70-80 तक VVIP मूवमेंट
इस बार ट्रैफिक व्यवस्था के सामने सबसे बड़ी चुनौती विदेशी नेताओं की लगातार आवाजाही है। कोई राष्ट्राध्यक्ष एयरपोर्ट से होटल, होटल से भारत मंडपम और फिर अलग-अलग बैठकों के लिए जा सकता है।

ऐसे में एक दिन में करीब 70 से 80 या उससे भी ज्यादा हाई-सिक्योरिटी मूवमेंट हो सकते हैं। हर काफिले के लिए अलग रूट पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था करनी पड़ती है। यही वजह है कि आम दिनों की तुलना में दिल्ली के कई इलाकों में अचानक ट्रैफिक रोकने की स्थिति बन सकती है।

मेट्रो बनी सबसे आसान विकल्प
ऐसे हालात में दिल्ली वालों के लिए मेट्रो सबसे बेहतर विकल्प मानी जा रही है। मेट्रो सेवाएं जारी रहेंगी, हालांकि सुरक्षा कारणों से कुछ स्टेशनों के कुछ एंट्री या एग्जिट गेट पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

DTC और दूसरी बस सेवाएं भी चलती रहेंगी, लेकिन प्रभावित इलाकों से गुजरने वाले रूट को जरूरत पड़ने पर डायवर्ट या नियंत्रित किया जा सकता है। ऑटो, टैक्सी और ऐप आधारित कैब भी चलेंगी, लेकिन सुरक्षा घेरे वाले इलाकों में इनके आने-जाने पर प्रतिबंध लग सकता है।

एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वालों को सावधानी जरूरी
अगर आज या अगले दो दिनों में किसी को एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, अस्पताल या किसी जरूरी काम से बाहर निकलना है तो घर से सामान्य से काफी पहले निकलना बेहतर रहेगा।

खासकर एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक के साथ-साथ संभावित VVIP मूवमेंट को भी ध्यान में रखना होगा। वहीं UPSC, NDA, CDS या दूसरी परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को भी अपने परीक्षा केंद्र का रूट पहले से देख लेने की सलाह दी गई है।

सुरक्षा के लिए CCTV से लेकर एंटी-ड्रोन सिस्टम तक
BRICS Summit को देखते हुए सिर्फ सड़कों पर पुलिस की तैनाती नहीं बढ़ाई गई है, बल्कि शहर के संवेदनशील इलाकों में आधुनिक निगरानी व्यवस्था भी लगाई गई है। CCTV कैमरों के अलावा फेस रिकग्निशन और वाहन नंबर प्लेट पढ़ने वाले कैमरों से भी निगरानी की जा रही है।

भारत मंडपम और मेहमानों के ठहरने वाले होटलों में भी सुरक्षा का कई स्तरों वाला इंतजाम किया गया है। NSG और SWAT कमांडो के साथ-साथ एंटी-ड्रोन सिस्टम और डॉग स्क्वॉड को भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है।

दिल्ली बंद नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी
सबसे जरूरी बात यह है कि BRICS Summit के कारण पूरी दिल्ली बंद नहीं है। आम लोगों की आवाजाही जारी रहेगी, लेकिन VVIP काफिले के गुजरने के दौरान कुछ रास्तों पर अचानक रोक या डायवर्जन लगाया जा सकता है।

ऐसे में दिल्ली वालों के लिए सबसे बेहतर यही है कि बेवजह प्रभावित इलाकों में जाने से बचें, घर से निकलने से पहले अपना रूट चेक करें और जहां संभव हो, निजी वाहन की जगह मेट्रो का इस्तेमाल करें।

राजधानी में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के बीच सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी है, लेकिन इसके साथ आम लोगों की परेशानी कम से कम रहे, इस पर भी प्रशासन की नजर है। आने वाले दो दिनों में दिल्ली की सड़कों पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था दोनों की बड़ी परीक्षा होने वाली है।

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