बुखार उतरने के बाद भी क्यों बनी रहती है कमजोरी? मानसून की बीमारियों से रिकवरी में ये बातें आएंगी काम

Health News 1

New Deljhi: मानसून के दौरान डेंगू, चिकनगुनिया, टाइफाइड और वायरल बुखार जैसी बीमारियों के मामले बढ़ जाते हैं। ज्यादातर मरीज समय पर इलाज मिलने के बाद बुखार से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कई लोगों में इसके बाद भी कई दिनों या हफ्तों तक कमजोरी, थकान और शरीर में दर्द बना रह सकता है। कुछ मामलों में सोचने-समझने में परेशानी भी महसूस हो सकती है। इस स्थिति को पोस्ट-इंफेक्शियस फैटीग (Post-Infectious Fatigue) कहा जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बुखार कम हो जाना इस बात का संकेत नहीं है कि शरीर पूरी तरह अपनी सामान्य स्थिति में लौट चुका है।

बीमारी खत्म होने के बाद भी शरीर को क्यों चाहिए रिकवरी का समय?

फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग की संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. जे. कीर्तना के मुताबिक, संक्रमण के बाद होने वाली थकान को केवल सामान्य कमजोरी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बीमारी के दौरान शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली संक्रमण से लड़ने के लिए लगातार सक्रिय रहती है। बुखार उतरने के बाद भी इम्यून सिस्टम कुछ समय तक संक्रमण के प्रभाव को खत्म करने और शरीर को हुए नुकसान की भरपाई में लगा रह सकता है। इसी वजह से मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र को सामान्य स्थिति में लौटने में समय लग सकता है। इसके अलावा बीमारी के दौरान भूख कम होने से शरीर को पर्याप्त पोषण और ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे एनर्जी स्टोरेज कम हो जाता है और रिकवरी धीमी हो सकती है।

हर व्यक्ति में अलग हो सकती है कमजोरी की अवधि

पोस्ट-इंफेक्शियस फैटीग हर व्यक्ति में एक जैसी नहीं होती। कुछ मरीजों को बीमारी के बाद 2 से 4 सप्ताह तक थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है, जबकि कुछ मामलों में यह अवधि इससे ज्यादा भी हो सकती है। उम्रदराज लोगों या पहले से किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों में रिकवरी में अधिक समय लग सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर की संक्रमण के प्रति प्रतिक्रिया अलग-अलग होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं और आनुवंशिक कारक भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए केवल बुखार उतरने या ब्लड रिपोर्ट सामान्य आने के आधार पर तुरंत पहले जैसी दिनचर्या शुरू करना हर व्यक्ति के लिए सही नहीं हो सकता।

रिकवरी के लिए पानी और पौष्टिक भोजन पर दें खास ध्यान

बीमारी के बाद शरीर को दोबारा मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त पानी पीना और संतुलित आहार लेना बेहद जरूरी है। डाइट में प्रोटीन, फल और हरी सब्जियों जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना रिकवरी में मदद कर सकता है। बीमारी के दौरान कम हुआ पोषण और ऊर्जा धीरे-धीरे वापस आती है, इसलिए शरीर को पर्याप्त समय और जरूरी पोषक तत्व देना महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ के अनुसार, सामान्य भोजन से मिलने वाला प्रोटीन, फल और सब्जियां रिकवरी के लिए सप्लीमेंट्स पर निर्भर रहने की तुलना में ज्यादा उपयोगी हो सकते हैं।

बुखार उतरते ही खुद पर ज्यादा दबाव न डालें

बुखार ठीक होने के बाद तुरंत काम, व्यायाम या रोजमर्रा की भागदौड़ में पूरी तरह लौटने के बजाय शरीर की थकान को समझना और पर्याप्त समय देना जरूरी है। संक्रमण के बाद कुछ समय तक कमजोरी रहना कई मरीजों में सामान्य रिकवरी प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, अगर कमजोरी लंबे समय तक बनी रहे, बढ़ती जाए या नए/गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। यानी मानसून की बीमारी से राहत मिलने के बाद भी शरीर को पूरी तरह स्वस्थ होने के लिए आराम, पर्याप्त पोषण और समय देना उतना ही जरूरी है।

××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group

https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1

Pooja Kumari Ms. Pooja,
Share:

Written by 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *