अगर आप हर महीने मोबाइल रिचार्ज कराते हैं, तो आने वाले दिनों में आपका खर्च थोड़ा और बढ़ सकता है। टेलीकॉम कंपनियां लगातार अपने प्लान और उनकी कीमतों में बदलाव कर रही हैं। हाल ही में एयरटेल ने कुछ प्रीपेड प्लान बंद कर दिए, जिसके बाद कई यूजर्स को अब ज्यादा कीमत वाला रिचार्ज चुनना पड़ रहा है।
मसलन, जिस कैटेगरी में पहले ₹299 का प्लान मिलता था, वहां अब ₹349 का प्लान लेना पड़ रहा है। यानी रिचार्ज की कीमत करीब 16 फीसदी बढ़ गई। हालांकि, इसे अभी कंपनी की तरफ से कोई सीधी टैरिफ बढ़ोतरी नहीं कहा गया है, क्योंकि नए प्लान में ज्यादा डेटा भी दिया जा रहा है।
लेकिन सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ प्लान बदलने तक सीमित रहेगा या आने वाले महीनों में मोबाइल रिचार्ज सच में और महंगे होने वाले हैं?
₹299 वाला प्लान क्यों हुआ गायब?
एयरटेल ने हाल ही में अपने कुछ प्रीपेड प्लान पोर्टफोलियो से हटा दिए हैं। इनमें ₹299, ₹579, ₹619 और ₹649 जैसे प्लान शामिल हैं।
₹299 वाला प्लान खास तौर पर काफी लोकप्रिय था। इसमें 28 दिनों की वैलिडिटी के साथ रोजाना 1.5GB डेटा मिलता था। अब इस रेंज में यूजर को ₹349 का प्लान लेना पड़ रहा है, जिसमें रोजाना 2GB डेटा मिलता है।
यानी कंपनी ने सिर्फ कीमत नहीं बढ़ाई है, बल्कि डेटा भी बढ़ाया है। लेकिन जिस ग्राहक को 1.5GB डेटा ही काफी था, उसके लिए यह बदलाव सीधे तौर पर जेब पर असर डालता है।
क्या 3 महीने में फिर बढ़ सकते हैं रिचार्ज के दाम?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या आने वाले तीन महीनों में Jio, Airtel और Vodafone Idea अपने टैरिफ और महंगे कर सकते हैं?
इंडस्ट्री से जुड़ी कुछ रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया गया है कि टेलीकॉम कंपनियां आने वाले महीनों में करीब 12 से 15 फीसदी तक टैरिफ बढ़ा सकती हैं। हालांकि, इसे फिलहाल सिर्फ एक अनुमान माना जाना चाहिए। कंपनियों ने ऐसी किसी बढ़ोतरी की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
इसलिए अभी से यह कहना सही नहीं होगा कि अगले तीन महीने में रिचार्ज निश्चित रूप से 15 फीसदी महंगे हो जाएंगे। लेकिन जिस तरह कंपनियां अपने सस्ते प्लान हटा रही हैं और नए प्लान पेश कर रही हैं, उससे यूजर्स के बीच चिंता जरूर बढ़ी है।
कंपनियां आखिर बार-बार दाम क्यों बढ़ा रही हैं?
इसके पीछे सबसे बड़ी वजह है कमाई बढ़ाने का दबाव। टेलीकॉम कंपनियां 5G नेटवर्क और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार बड़ी रकम खर्च कर रही हैं। नेटवर्क को बनाए रखने और नए इलाकों तक पहुंचाने में भी काफी लागत आती है।
इसके अलावा कंपनियां चाहती हैं कि हर ग्राहक से उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा कमाई हो। इसे टेलीकॉम इंडस्ट्री में ARPU यानी Average Revenue Per User कहा जाता है।
यही वजह है कि कंपनियां अब सिर्फ नए ग्राहक जोड़ने पर नहीं, बल्कि मौजूदा ग्राहकों से होने वाली कमाई बढ़ाने पर भी फोकस कर रही हैं।
Jio और Vi भी बढ़ा सकती हैं कीमत?
अभी Jio और Vodafone Idea की तरफ से किसी नई टैरिफ बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन टेलीकॉम मार्केट में एक कंपनी के प्लान बदलने का असर दूसरी कंपनियों पर भी पड़ता है।
अगर आने वाले महीनों में Airtel कीमतें बढ़ाता है, तो Jio और Vi भी अपने प्लान और कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं। ऐसे में आने वाले समय में मोबाइल रिचार्ज का खर्च बढ़ने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल क्या समझें?
अभी 16 फीसदी की बढ़ोतरी को पूरे टेलीकॉम सेक्टर की टैरिफ हाइक समझना सही नहीं होगा। यह कुछ Airtel प्लान के हटने और उनकी जगह नए प्लान आने का असर है।
लेकिन अगर इंडस्ट्री के अनुमान सही साबित होते हैं और अगले कुछ महीनों में 12-15 फीसदी की वास्तविक टैरिफ बढ़ोतरी होती है, तो इसका सीधा असर करोड़ों मोबाइल यूजर्स की जेब पर पड़ेगा।
फिलहाल नजर कंपनियों के अगले कदम पर है। अगर आप भी हर महीने मोबाइल रिचार्ज कराते हैं, तो आने वाले महीनों में अपने मौजूदा प्लान और उसकी कीमत पर जरूर नजर रखें।
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