ब्राज़ील की राष्ट्रीय टीमके साथ दोस्ताना मैच और एशियन कप के एक साथ आयोजन को देखते हुए भारतीय फुटबाल फेडरेशन ने दो अलग अलग टीमों के गठन का फैसला किया है ताकि दोनों आयोजनों में भाग लिया जा सके l मेजबान टीमों का आकार कैसा होगा इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है l लेकिन इतना तय है कि दो अलग अलग टीमें उतारने का सीधा सा मतलब होगा आत्महत्या करना या हंसी उड़वाना l
बेशक़, भारतीय फुटबाल फेडरेशन ने साहसिक फैसला लिया है l यह जानते हुए भी कि हमारे पास एक मज़बूत टीम के लिए भी पर्याप्त खिलाड़ी उपलब्ध नहीं हैं फिर भी दो टीमों का गठन किया जा रहा है l यह फैसला कुछ- कुछ दो नावों पर पैर रखने जैसा है l लेकिन यहाँ डूबने का खतरा कदापि नहीं है क्योंकि भारतीय फुटबॉल तो कब का डूब चुकी है l
जहाँ तक ब्राज़ील के दोस्ताना मैच खेलने की बात है तो फ्रेंडली मुकाबले में हार जीत के ज्यादा मायने नहीं लेकिन एआईएफएफ फुटबाल से मिले चंदे के जुगाड़ में है तो देश के फुटबाल प्रेमी ब्राज़ील के स्टार खिलाड़ियों को नज़दीक से देखना छूना चाहते हैं l लेकिन सवाल दो टीमों के गठन का है l ऐसा देश जिसके पास एक औसत टीम बनाने योग्य खिलाड़ी भी नहीं हैं भला दो टीमों के खिलाड़ी कैसे जुटा पाएगा?
अर्थात दोनों मोर्चाँ पर भारतीय फुटबाल का उपहास उड़ना तय है l जहाँ तक ब्राज़ील की बात है तो उसके कुछ एक स्टार खिलाड़ी सैर सपाटे के लिए भारत आ सकते हैं l यदि बड़े नाम वाले खिलाड़ी आते भी हैं तो अपना स्वाभाविक खेल शायद ही खेलें l मुख्य समस्या टीमों के गठन को लेकर हो सकती है, क्योंकि 150 करोड़ की जनसंख्या वाले देश के पास ग्यारह औसत दर्जे के खिलाड़ी भी नहीं हैं तो फिर 22 या 30 खिलाड़ी कहाँ से आएँगे? इस बारे में देश के अति उत्साहित फुटबाल प्रेमी ही बेहतर बता सकते हैं l कोई है जो ब्राज़ील के विरुद्ध फर्स्ट इलेवन की घोषणा कर सके!
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Rajender Sajwan, Senior, Sports Journalist |
