New Delhi: स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने यादगार प्रदर्शन करते हुए अपने अभियान का शानदार समापन किया। भारतीय दल ने कुल 39 पदक अपने नाम किए, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल रहे। पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, भारोत्तोलन, पैरा एथलेटिक्स, जूडो और अन्य स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया। 122 सदस्यीय भारतीय दल में से 38 खिलाड़ियों ने पदक जीतकर भारत को कुल पदक तालिका में टॉप-5 देशों में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में रहे, जिन्होंने अकेले दो पदक जीतकर इतिहास रचा।
अंतिम दिन जूडो और साइक्लिंग में उम्मीदें टूटीं
कॉमनवेल्थ गेम्स के आखिरी दिन भारत की निगाहें जूडो और ट्रैक साइक्लिंग पर टिकी थीं। महिलाओं के -78 किलोग्राम जूडो वर्ग में इशरूप नारंग ने शानदार शुरुआत करते हुए स्कॉटलैंड की निकोल वुड को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। हालांकि, क्वार्टर फाइनल में उन्हें इंग्लैंड की एम्मा रीड से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद रेपेचेज मुकाबले में उन्होंने कैमरून की जॉर्जिका वेस्ली जेंगुए माउने के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए जीत दर्ज की और कांस्य पदक मुकाबले में जगह बनाई। लेकिन ब्रॉन्ज मेडल बाउट में कनाडा की कोराली गोडबू के खिलाफ उन्हें हार झेलनी पड़ी, जिससे भारत की इस स्पर्धा में पदक की उम्मीद समाप्त हो गई। दूसरी ओर पुरुषों के -100 किलोग्राम वर्ग में अवतार सिंह और +100 किलोग्राम वर्ग में यश घांघस शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए।
ट्रैक और पैरा साइक्लिंग में नहीं मिली सफलता
ट्रैक साइक्लिंग में भी भारत को निराशा हाथ लगी। पुरुषों की 40 किलोमीटर पॉइंट्स रेस में हर्षवीर सिंह सेखों और दिनेश कुमार फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके, जबकि 1000 मीटर टाइम ट्रायल में रोनाल्डो सिंह लैतोंजम भी पदक की दौड़ से बाहर हो गए। वहीं, महिला C4-C5 1000 मीटर पैरा टाइम ट्रायल में भारत की अंतिम पदक उम्मीद लीशा दास पर टिकी थी। उन्होंने छह फाइनलिस्टों में सबसे पहले अपना प्रयास पूरा करते हुए 1 मिनट 34.410 सेकंड का समय निकाला, लेकिन अन्य खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन के चलते वह चौथे स्थान पर रहीं और पदक से मामूली अंतर से चूक गईं। इसके साथ ही भारत का प्रतिस्पर्धी अभियान समाप्त हो गया।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने रचा नया इतिहास
हालांकि अंतिम दिन भारत की झोली में कोई नया पदक नहीं आया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम कीं। बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, भारोत्तोलन और पैरा खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि कई युवा खिलाड़ियों ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई। भारतीय दल ने कई नए राष्ट्रीय और व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी बनाए, जिससे भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।
अहमदाबाद को सौंपी जाएगी अगली मेजबानी
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का समापन रंगारंग समारोह के साथ हुआ, जिसमें अगली मेजबानी आधिकारिक तौर पर अहमदाबाद 2030 को सौंप दी जाएगी। भारत के लिए यह अभियान केवल पदकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई खिलाड़ियों की प्रेरणादायक कहानियों, ऐतिहासिक उपलब्धियों और नए सितारों के उभरने का भी गवाह बना। 39 पदकों के साथ भारत ने एक बार फिर साबित किया कि वह कॉमनवेल्थ खेलों की सबसे मजबूत खेल शक्तियों में से एक है।
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Ms. Pooja, |
