गिरगिटिया हॉकी केसरिया कैसे हुई!

hockey

नीदरलैंड और बेल्ज़ियम में खेले जाने वाले हॉकी वर्ल्ड कप के लिए बस चंद दिन बचे हैँ लेकिन टीम की जर्सी को लेकर ऐसा विवाद शुरू हुआ है जिसके कारण ना सिर्फ भारतीय हॉकी विवाद के घेरे में आ गई है अपितु दुनियाभर में जगहँसाई भी हो रही है l हैरानी वाली बात तो यह कि देश की हॉकी को संचालित करने वाली हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की को यह पता ही नहीं कि भारतीय टीम की जर्सी नीली से केसरिया कैसे हो गई? सचिव भोला भी हमेशा से मासूम रहे हैं l तो फिर कौन है जिसने यह दुस्साहस किया है? निशाने पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला सिँह हैं जोकि पिछले कई महीनों से अनाप शनाप हरकतों के चलते ख़बरों में हैँ l लेकिन उन पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई l लेकिन बड़े कद के खिलाड़ी दिलीप टिर्की का कद भी लगातार घट रहा है l बड़े खिलाड़ी ने भी छोटी हरकतें सीख ली हैं l
फिलहाल उस तर्क की बात करते हैँ जिसे कारण बता कर भारतीय पुरुष और महिला टीमों की ड्रेस का रंग नीले से केसरिया किया गया है l हॉकी इंडिया का एक धड़ा कह रहा है कि चूंकि जिस टर्फ पर हॉकी खेली जाती है वह भी नीली होती हैं जिस कारण से खेल प्रभावित होता है l वाह क्या कारण खोजा है! लेकिन पिछले 14 सालों से कभी कोई व्यवधान नहीं आया l किसी ने भी शिकायत नहीं की l कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने इस बयान को ना सिर्फ हास्यास्पद बताया अपितु जर्सी का रंग बदलने वालों के विचारों में आए बदलाव को आड़े हाथों भी लिया है l जाने माने ओलिंपियन और विश्व विजेता टीम के कप्तान अजितपाल सिँह, अशोक ध्यान चंद, असलम शेर खान, परगट सिँह, धनराज पिल्ले, वीरेन रसकुन्हा, वासुदेव भास्करन, पी आर श्रीजेश, रघुनाथ, ललित उपाध्याय और सैकड़ों अन्य खिलाड़ियों ने ड्रेस के बदलाव की ना सिर्फ घोर निंदा की है अपितु गंदी राजनीति को भी बड़ा कारण बता रहे हैँ l लेकिन सवाल यह पैदा होता है कि वर्ल्ड कप से ठीक पहले ही ड्रेस का रंग बदलने का फैसला क्यों किया गया? क्यों खिलाड़ियों पर दबाव बनाया जा रहा है? क्यों गिरगिट सा रंग बदल रही है अपनी हॉकी?
बेशक़, भारतीय हॉकी में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा l पदाधिकारी लड़ भिड़ रहे हैँ, एक दूसरे को नीचा दिखा रहे हैँ, और अब तो राष्ट्रीय कलर पर भी बवाल मच गया है l सीधा सा मतलब है भारतीय हॉकी रहा सहा सम्मान गँवाने के लिए उतावली है l क्योंकि कुछ भी बदलने वाला नहीं है, ड्रेस बन चुकी हैँ और पूरी तैयारी कर ली गई है इसलिए वर्ल्ड कप तक इन्तजार करना पड़ेगा l तत्पश्चात घमासान मचना तय समझें l हां, यदि कोई चमत्कार हुआ और पुरुष या महिला टीम ने ख़िताब जीता या उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया तो भारतीय हॉकी जरूर केसरिया हो जा

Rajender Sajwan Rajender Sajwan,
Senior, Sports Journalist
Share:

Written by 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *