भारतीय टेबल टेनिस की जानी मानी खिलाड़ी मणिका बत्रा आजकल अपनी फेडरेशन, चयन कर्ताओं और शायद साथी खिलाड़ियों से भी नाराज चल रही हैं l कारण, उन्हें आगामी एशियाई खेलों के लिए चुनी गई भारतीय टीम में स्थान नहीं दिया गया है l बेशक़, उसका नाराज होना स्वाभाविक है l इसलिए क्योंकि पिछले कुछ सालों में उसकी उपलब्धियां अन्य खिलाड़ियों की तुलना में बढ़ चढ़ कर रही हैं l दो बार की ओलिंपियन और कॉमनवेल्थ खेलों की गोल्ड विजेता का दावा है कि वह देश की श्रेष्ठ खिलाड़ी है इसलिए उसे टीम में स्थान मिलना ही चाहिए l वरना उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की धमकी दे डाली हैl
उधर फेडरेशन ने बार बार अपना रुख साबित करते हुए कहा है कि क्योंकि उनकी श्रेष्ठ खिलाड़ी ने घरेलू आयोजनों की अनदेखी की और चयन ट्रायल में भाग नहीं किया इसलिए उसे टीम में शामिल करना नियम विरुद्ध होगा और अच्छा सन्देश नहीं जाएगा l जवाब में मणिका ने प्रधान मंत्री और खेल मंत्री से फरियाद की है, गुहार लगाई है l उधर फेडरेशन कह रही है कि टीम चुन ली गई है है और उसे सिर्फ रिज़र्व खिलाड़ियों में ही जगह मिल सकतीं है l इस बारे में जब फेडरेशन अधिकारियों और चयन कर्ताओं से पूछा गया तो उन्होंने माना कि मणिका श्रेष्ठ खिलाड़ी रही है लेकिन नियम सब के लिए एक जैसे हैं l उसको किसी के स्थान की कीमत पर शामिल करना न्याय संगत नहीं होगा l
कुछ पूर्व खिलाड़ियों से जब इस बारे में पूछा गया तो अधिकांश ने मणिका की ज़िद्द को गलत बताया और कहा कि यदि फैसला बदला जाता है या उसको टीम में शामिल किया जाता है तो भारतीय टीटी की जगहँसाई होगी l यह एक प्रक्रिया बन जाएगी और हर खिलाड़ी अपना रोना शुरू कर देगा l
लेकिन यह विवाद यही नहीं रुकने वाला l यदि मणिका न्यायालय की मदद लेती है और फेडरेशन को कोर्ट में घसीट्ती है तो खेल की जगहँसाई तय हैलेकिन फिलहाल गलत सही का फैसला करने का वक्त नहीं है l एशियाड के लिए ज्यादा वक्त नहीं बचा है l तमाम खिलाड़ी अंतिम तैयारियों में जुटे हैं l ऐसे में मिल बैठ कर मामला सुलटाना ही बेहतर रहेगा l लेकिन मणिका को किसी और खिलाड़ी की कीमत पर टीम में जगह देना कदापि न्यायसंगत नहीं होगा l क्योंकि चयन ट्रायल में भाग नहीं किया इसलिए उसे टीम में शामिल करना नियम विरुद्ध होगा और अच्छा सन्देश नहीं जाएगा l जवाब में मणिका ने प्रधान मंत्री और खेल मंत्री से फरियाद की है, गुहार लगाई है l l उधर फेडरेशन कह रही है कि टीम का चयन हो चुका है और उसे सिर्फ रिज़र्व खिलाड़ियों में ही जगह मिल सकतीं है l इस बारे में जब फेडरेशन अधिकारियों और चयन कर्ताओं से पूछा गया तो उन्होंने माना कि मणिका श्रेष्ठ खिलाड़ी रही है लेकिन नियम सब के लिए एक जैसे हैं l उसको किसी के स्थान की कीमत पर शामिल करना न्याय संगत नहीं होगा l
कुछ पूर्व खिलाड़ियों से जब इस बारे में पूछा गया तो अधिकांश ने मणिका की ज़िद्द को गलत बताया और कहा कि यदि फैसला बदला जाता है या उसको टीम में शामिल किया जाता है तो भारतीय टीटी की जगहँसाई होगी l
लेकिन विवाद यही नहीं रुकने वाला l यदि मणिका न्यायालय की मदद लेती है और फेडरेशन को कोर्ट में घसीट्ती है तो खिलाड़ियों के मनोबल पर असर पड़ेगा l लेकिन फिलहाल गलत सही का फैसला करने का वक्त नहीं है l एशियाड के लिए ज्यादा वक्त नहीं बचा है l तमाम खिलाड़ी अंतिम तैयारियों में जुटे हैं l ऐसे में मिल बैठ कr मामला सुलटाना ही बेहतर रहेगा l लेकिन मणिका को किसी और खिलाड़ी की कीमत पर टीम में जगह देना कदापि न्यायसंगत नहीं होगा l यदि ऐसा हुआ तो खेल विरुद्ध और नियम विरुद्ध होगा और गलत परम्परा की शुरुआत मानी जाएगी l
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Rajender Sajwan, Senior, Sports Journalist |
