फ्रांस में जुटेंगे दुनिया के दिग्गज: G-7 समिट में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच होगी महाबैठक, जानें क्यों नहीं जा रहे बेंजामिन नेतन्याहू

Global leaders

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों के समूह यानी जी-7 (G-7) शिखर सम्मेलन का आयोजन इस बार फ्रांस के खूबसूरत शहर एवियन-ले-बैंस में 15 से 17 जून 2026 तक होने जा रहा है। इस महासमिट में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों फ्रांस पहुंच रहे हैं। व्हाइट हाउस और राजनयिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि समिट के इतर 17 जून को पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होने वाली है। फरवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रं के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी जिसके चलते पूरी दुनिया की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं।

पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात: एजेंडे पर क्या है खास

इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर दोनों ही देशों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक 17 जून को वर्किंग लंच से ठीक पहले पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप आपस में चर्चा करेंगे। इस बातचीत के मुख्य एजेंडे में दोनों देशों के बीच पिछले कई महीनों से चल रहा ‘द्विपक्षीय व्यापार समझौता’ सबसे ऊपर है।

इसके अलावा दोनों नेता आर्थिक विकास को रफ्तार देने, वैश्विक सप्लाई-चेन को मजबूत बनाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित इस्तेमाल और महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाएंगे। हाल ही में समुद्री क्षेत्र में उपजे कुछ तनावों और भारतीय नाविकों से जुड़ी घटनाओं के बाद इस बातचीत का कूटनीतिक महत्व और ज्यादा बढ़ गया है। भारत इस मंच पर लगातार आठवीं बार बतौर अतिथि देश शामिल हो रहा है और पीएम मोदी यहाँ ग्लोबल साउथ (ग्लोबल साउथ के विकासशील देश) की आवाज बुलंद करेंगे।

मिडिल ईस्ट संकट पर महामंथन, लेकिन नहीं जाएंगे नेतन्याहू

जी-7 समिट में इस बार यूक्रेन युद्ध और मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव का मुद्दा सबसे ज्यादा हावी रहने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समिट के दौरान मध्य-पूर्व के प्रमुख देशों जैसे मिस्र (Egypt), संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर (Qatar) के राष्ट्राध्यक्षों के साथ अलग से विशेष बैठकें करने वाले हैं ताकि क्षेत्र में शांति बहाली का रास्ता निकाला जा सके।

इस बीच सबसे बड़ा अपडेट यह है कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) इस बैठक या समिट का हिस्सा नहीं होंगे। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने साफ कर दिया है कि ट्रंप की मिडिल ईस्ट के नेताओं के साथ होने वाली इस महत्वपूर्ण चर्चा में नेतन्याहू शामिल नहीं हो रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भी स्पष्ट किया है कि वह इस दौरान अपना कोई भी प्रतिनिधिमंडल फ्रांस या स्विट्जरलैंड नहीं भेज रहा है।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और जेलेंस्की भी रहेंगे मौजूद

इस तीन दिवसीय समिट की मेजबानी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों कर रहे हैं। समिट में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को भी आमंत्रित किया गया है जो ट्रंप और अन्य जी-7 नेताओं के साथ एक वर्किंग सेशन में हिस्सा लेंगे। पूरी दुनिया को उम्मीद है कि इस मंच से वैश्विक अर्थव्यवस्था को सुधारने और जारी युद्धों को रोकने के लिए कोई बड़ा ठोस कदम उठाया जा सकता है। पीएम मोदी इस समिट के बाद अपनी छह दिवसीय विदेश यात्रा के अगले चरणों के तहत स्लोवाकिया और पेरिस का भी दौरा करेंगे।

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