वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार को लेकर इस समय दुनिया भर से सबसे बड़ी राहत भरी खबर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा एलान करते हुए कहा है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले स्ट्रैट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी नौसेना का ब्लॉकैड अब हटा दिया जाएगा। इस बड़े फैसले के बाद पिछले कई दिनों से समुद्र में फंसे दर्जनों कमर्शियल जहाजों और तेल टैंकरों के सुरक्षित निकलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। ट्रंप के इस कदम को अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने और एक बड़े शांति समझौते की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
ट्रंप का सोशल मीडिया पर एलान जहाजों से कहा लौट जाओ घर
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक बेहद ड्रामेटिक पोस्ट के जरिए इस फैसले की घोषणा की। ट्रंप ने लिखा कि हमारी शानदार और अभूतपूर्व नौसैनिक नाकेबंदी के कारण जो जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए थे उन्हें अब हटाया जा रहा है। वे सभी जहाज अब अपने घर लौटने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। अपने खास अंदाज में ट्रंप ने आगे लिखा कि मेरी तरफ से अपनी पत्नियों, पतियों, माता-पिता और परिवारों को हैलो कहें—आपका पसंदीदा राष्ट्रपति!
ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से पिछले कई दिनों से बैकचैनल (अप्रत्यक्ष) बातचीत चल रही थी। इस घोषणा के तुरंत बाद वैश्विक बाजारों में सकारात्मक असर देखने को मिला और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भी नरमी दर्ज की गई है।
ईरान के सामने रखी गईं सख्त शर्तें, सिचुएशन रूम में फाइनल बैठक
भले ही ट्रंप ने नाकेबंदी हटाने का एलान कर दिया है, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि इसके बदले ईरान को अमेरिका की बेहद सख्त शर्तों को मानना होगा। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में साफ किया कि ईरान को इस बात पर पूरी तरह सहमत होना होगा कि वह कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं बनाएगा। इसके अलावा होर्मुज जलमार्ग को बिना किसी टोल टैक्स या अतिरिक्त फीस के अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए हमेशा खुला रखना होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि समुद्र में बिछाई गई कई नेवल माइंस को अमेरिकी नौसेना के अंडरवाटर स्वीपर्स ने ब्लास्ट करके नष्ट कर दिया है और बची हुई सुरंगों को हटाने का काम ईरान को जल्द पूरा करना होगा। इस एलान के तुरंत बाद ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में शीर्ष अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक भी की ताकि इस समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके।
क्या था पूरा विवाद और क्यों थम गया था दुनिया का तेल व्यापार
इस साल फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव बढ़ने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई तेल टैंकरों पर पाबंदियां लगा दी थीं। इसके जवाब में अप्रैल के महीने में राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकेबंदी कर दी थी। इस नाकेबंदी के चलते पिछले लगभग डेढ़ महीने से इस रूट पर जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ी थी और 150 से अधिक बड़े जहाज समुद्र में ही खड़े थे।
आपको बता दें कि दुनिया का लगभग 20 से 25 प्रतिशत कच्चे तेल का व्यापार इसी संकरे समुद्री रास्ते से होता है। इस रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। अब ट्रंप के इस बड़े फैसले के बाद न केवल फंसे हुए तेल टैंकर धड़ाधड़ बाहर निकल सकेंगे, बल्कि दुनिया भर के देशों को तेल संकट और रिकॉर्ड तोड़ महंगाई से एक बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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