अमेरिकी राजनीति से इस समय की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेहद करीबी और अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर (DNI) तुलसी गबार्ड ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। इस खबर के सामने आते ही वाशिंगटन से लेकर पूरी दुनिया के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। तुलसी गबार्ड को ट्रंप प्रशासन में देश की सभी खुफिया एजेंसियों के प्रमुख के रूप में एक बहुत बड़ी और संवेदनशील जिम्मेदारी सौंपी गई थी। ऐसे में कार्यकाल के बीच में ही उनके इस तरह पद छोड़ने के फैसले ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं और हर कोई इस इस्तीफे के पीछे की असली वजह जानना चाहता है।
इस्तीफे के पीछे क्या है सबसे बड़ी वजह?
तुलसी गबार्ड के इस अचानक इस्तीफे के पीछे जो सबसे मुख्य वजह सामने आ रही है, वह है अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और उनके अतीत के कुछ बयानों को लेकर लगातार हो रहा विवाद। जब डोनाल्ड ट्रंप ने तुलसी गबार्ड को इस पद के लिए चुना था, तभी से अमेरिकी खुफिया विभाग (सीआईए और एफबीआई) के कई सीनियर अधिकारी और सीनेट के सदस्य इस फैसले से खुश नहीं थे।
तुलसी गबार्ड पर लगातार यह आरोप लग रहे थे कि उनके पास इंटेलिजेंस क्षेत्र का कोई ठोस पुराना अनुभव नहीं है। इसके अलावा, अतीत में रूस, सीरिया और यूक्रेन युद्ध को लेकर दिए गए उनके कुछ बयानों की वजह से उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा था। सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार बढ़ रहे मतभेदों और सीनेट में उनके काम को लेकर उठ रहे सवालों के कारण उन्होंने खुद ही इस पद से गरिमापूर्ण तरीके से हटने का फैसला किया, ताकि ट्रंप प्रशासन के कामकाज पर कोई आंच न आए।
डोनाल्ड ट्रंप की बेहद खास और भरोसेमंद रही हैं तुलसी
तुलसी गबार्ड का इस तरह जाना डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। तुलसी गबार्ड ने साल 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी छोड़कर रिपब्लिकन पार्टी का दामन थामा था और ट्रंप के चुनाव प्रचार में बहुत अहम भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें एक ‘निडर शेरनी’ बताया था जो देश की सुरक्षा के लिए किसी से भी टकरा सकती है। ट्रंप चाहते थे कि तुलसी गबार्ड खुफिया एजेंसियों में सालों से बैठे उन अधिकारियों पर नकेल कसें जो उनके खिलाफ काम कर रहे थे, लेकिन सिस्टम के भीतर मचे घमासान के आगे आखिरकार तुलसी को यह कदम उठाना पड़ा।
कौन हैं तुलसी गबार्ड और क्यों खास है उनका प्रोफाइल?
तुलसी गबार्ड अमेरिकी राजनीति का एक बेहद लोकप्रिय और जाना-माना चेहरा हैं। वह अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में चुनी जाने वाली पहली हिंदू महिला हैं। उन्होंने अमेरिकी सेना में एक सैनिक के रूप में इराक युद्ध के दौरान अपनी सेवाएं भी दी हैं, जिसकी वजह से देश की सुरक्षा के मुद्दों पर उनकी पकड़ काफी मजबूत मानी जाती है। वह हमेशा से अमेरिका की ‘दूसरों के युद्धों में दखल देने’ की नीति के खिलाफ मुखर रही हैं।
अब आगे क्या होगा और कौन लेगा उनकी जगह?
तुलसी गबार्ड के इस्तीफे के बाद अब व्हाइट हाउस और डोनाल्ड ट्रंप के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि दुनिया की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसी के इस खाली पद को जल्द से जल्द भरा जाए। अमेरिकी मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक, ट्रंप अब किसी ऐसे व्यक्ति को इस पद पर ला सकते हैं जिसके पास इंटेलिजेंस का लंबा अनुभव हो और जिसे सीनेट से भी आसानी से मंजूरी मिल जाए। इस रेस में कुछ पूर्व सैन्य अधिकारियों और सीआईए के पूर्व दिग्गजों के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। बहरहाल, तुलसी गबार्ड का यह इस्तीफा आने वाले दिनों में अमेरिकी राजनीति को किस मोड़ पर ले जाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
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