8वें वेतन आयोग की बड़ी तैयारी: सिर्फ महंगाई नहीं

Pay Comission

‘मिनिमम वेज’ के फॉर्मूले में भी होगा बड़ा बदलाव

8वें वेतन आयोग के गठन के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और आज 9 मई 2026 तक की अपडेट के अनुसार, आयोग वर्तमान में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और हितधारकों के साथ गहन बैठकें कर रहा है। इस बार की चर्चा सिर्फ महंगाई भत्ते (DA) तक ही सीमित नहीं है बल्कि न्यूनतम वेतन की गणना करने वाले दशकों पुराने बुनियादी फॉर्मूले को बदलने की पुरजोर तैयारी की जा रही है।

आईक्रॉयड फॉर्मूले में बदलाव की बड़ी मांग

अब तक सरकारी कर्मचारिय का वेतन आईक्रॉयड फॉर्मूले के आधार पर तय होता रहा है, जो मुख्य रूप से भोजन कपड़े और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों पर केंद्रित है। लेकिन अब कर्मचारी यूनियनों और विभिन्न पेंशनर संगठनों ने मांग की है कि ‘फैमिली यूनिट’ की परिभाषा में बदलाव किया जाए। नई मांग के अनुसार परिवार की इकाई को 3 सदस्य से बढ़ाकर 5 सदस्य माना जाना चाहिए जिसमें कर्मचारी जीवनसाथी दो बच्चे और माता-पिता शामिल हों। यदि परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर गणना होती है, तो न्यूनतम उपभोग की जरूरतें बढ़ेंगी जिससे बेसिक सैलरी के कैलकुलेशन में बड़ा उछाल आना तय है।

फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन पर बड़ी अपडेट

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 गुना था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये तय हुई थी। लेकिन 8वें वेतन आयोग के सामने रखी गई मांगों में इसे क्रांतिकारी तरीके से बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। कर्मचारी यूनियनों ने 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। अगर इस ऊंचे प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 69,000 रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इसे 35,000 से 41,000 रुपये के बीच भी रखा जा सकता है।

DA मर्जर और सालाना इंक्रीमेंट पर नजर

आयोग के सामने एक और प्रमुख प्रस्ताव सालाना इंक्रीमेंट को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 5 प्रतिशत करने का रखा गया है। इसके साथ ही महंगाई भत्ते को लेकर भी एक विशेष मांग की गई है कि जब भी यह 50 प्रतिशत की सीमा को पार करे, इसे अपने आप ही बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाए। इससे कर्मचारियों को टैक्स और अन्य भत्तों में सीधा लाभ मिल सकेगा।

कब लागू होंगी आयोग की सिफारिशें

8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था और इसे अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। नए वेतनमान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माने जाएंगे। चूंकि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी समय है इसलिए कर्मचारियों को जनवरी 2026 से बढ़ा हुआ वेतन एरियर के रूप में मिलने की संभावना है। फिलहाल आयोग विभिन्न शहरों का दौरा कर रहा है और यदि न्यूनतम वेतन का नया फॉर्मूला लागू होता है तो यह केंद्रीय कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में पिछले कई दशकों का सबसे बड़ा सुधार साबित होगा।

××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group

https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1

Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *