अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर: होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से मची खलबली

International News 2 1

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया है। यह फैसला शनिवार 18 अप्रैल 2026 को लिया गया जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक घेराबंदी हटाने से इनकार कर दिया। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी जारी की है कि जब तक अमेरिका अपनी पाबंदियां और घेराबंदी खत्म नहीं करता तब तक इस रास्ते से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान का कहना है कि अमेरिका की कार्रवाई युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन है और वे अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने को मजबूर हैं।

भारतीय जहाजों पर फायरिंग और समुद्री यातायात में भारी अफरातफरी

होर्मुज के रास्ते को दोबारा बंद करने के ऐलान के साथ ही वहां स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। समुद्री डेटा और रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शनिवार को उन जहाजों पर गोलीबारी की जिन्होंने इस संकरे रास्ते को पार करने की कोशिश की थी। इस गोलीबारी की चपेट में कम से कम दो भारतीय झंडे वाले टैंकर भी आए हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी क्रू मेंबर को चोट नहीं आई है और जहाज सुरक्षित हैं। इस घटना के तुरंत बाद भारतीय और ग्रीक टैंकरों सहित कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों ने यू-टर्न ले लिया और वापस सुरक्षित स्थानों की ओर लौट गए। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए दिल्ली में ईरानी राजदूत को तलब किया है और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

ट्रंप प्रशासन का सख्त रुख और अमेरिका की जवाबी रणनीति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस कदम को ब्लैकमेलिंग करार दिया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि जब तक तेहरान एक स्थायी शांति समझौते और अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए तैयार नहीं होता तब तक अमेरिका अपनी आर्थिक और नौसैनिक घेराबंदी जारी रखेगा। व्हाइट हाउस से मिल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका अब अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद ईरानी व्यापारिक जहाजों को जब्त करने की एक विशेष रणनीति पर काम कर रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका किसी भी दबाव में नहीं आएगा और वैश्विक तेल आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव सैन्य और कूटनीतिक प्रयास किए जाएंगे। इस बीच पाकिस्तान और मिस्र जैसे देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं ताकि युद्ध की स्थिति को टाला जा सके।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर और तेल संकट का खतरा

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का ऐसा रास्ता है जहां से वैश्विक कच्चे तेल और गैस का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। इस रास्ते के बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में जबरदस्त उछाल आने की आशंका पैदा हो गई है। अगर यह गतिरोध लंबे समय तक जारी रहता है तो भारत जैसे देशों के लिए ऊर्जा सुरक्षा का बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। जहाजों के वापस लौटने और ईरान की ओर से की गई गोलीबारी ने वैश्विक लॉजिस्टिक्स और शिपिंग इंडस्ट्री में डर पैदा कर दिया है। पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलेगा या फिर यह तनाव सीधे सैन्य टकराव में तब्दील हो जाएगा।

××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group

https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1

Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *