New Delhi: केरल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरुवल्ला में एक विशाल जनसभा को संबोधित कर चुनावी अभियान को नई धार दी। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक प्रतीकों—श्री वल्लभम, तिरुवल्लुवर, सबरीमाला और स्वामी अय्यप्पा को नमन करते हुए की। इस कदम को क्षेत्रीय जुड़ाव और सांस्कृतिक सम्मान के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे जनता के साथ भावनात्मक संपर्क साधने की कोशिश स्पष्ट नजर आई।
“केरल बदलाव चाहता है”—NDA सरकार बनाने का दावा
सभा के दौरान पीएम मोदी ने आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि राज्य में राजनीतिक माहौल बदल चुका है और जनता अब एनडीए को मौका देने के मूड में है। उन्होंने कहा कि महिलाओं सहित विभिन्न वर्गों का समर्थन भाजपा के पक्ष में दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार, आगामी मतदान के बाद केरल में एक “ऐतिहासिक परिवर्तन” देखने को मिलेगा और एनडीए सरकार बनाने की स्थिति में होगा।
कार्यकर्ताओं का जोश और जनता की भीड़ का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने हालिया संवाद कार्यक्रम “मेरा बूथ सबसे मजबूत” का उल्लेख करते हुए बताया कि हजारों कार्यकर्ताओं ने जमीनी स्तर पर सक्रियता दिखाई है। उन्होंने रैली में उमड़ी भीड़ को जनसमर्थन का संकेत बताते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया और कहा कि जहां वामपंथी मानव श्रृंखला बनाते हैं, वहीं जनता ने एनडीए के समर्थन में “मानव दीवार” खड़ी कर दी है।
LDF और UDF पर उपेक्षा के आरोप
पीएम मोदी ने राज्य की मौजूदा और पूर्व सरकारों—LDF और UDF—पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने तिरुवल्ला सहित कई क्षेत्रों की लंबे समय तक अनदेखी की है। उन्होंने खराब सड़कों, अधूरे बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली का मुद्दा उठाया। साथ ही यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने केरल को पहले की तुलना में कई गुना अधिक आर्थिक सहायता प्रदान की है।
विकास और रोजगार के वादे, युवाओं के पलायन पर चिंता
प्रधानमंत्री ने केरल में युवाओं के पलायन को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि राज्य को रोजगार, उद्योग और स्टार्टअप के बेहतर अवसरों की जरूरत है। उन्होंने सबरीमाला रेलवे परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस परियोजना में बाधाएं डाल रही है।
महिला सशक्तिकरण और आरक्षण पर जोर
अपने भाषण में पीएम मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने उज्ज्वला योजना, जनधन खाते, मुद्रा लोन और “लखपति दीदी” जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। साथ ही उन्होंने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने के संकल्प को दोहराया और इसे लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
विदेश नीति और विपक्ष पर तीखा हमला
पश्चिम एशिया के हालात का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर गैर-जिम्मेदार बयानबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर आपसी मिलीभगत और राजनीतिक स्वार्थ के आरोप लगाते हुए खुद को “केरल की ए टीम” बताया।
सबरीमाला विवाद और भ्रष्टाचार के आरोप
अपने संबोधन के अंत में पीएम मोदी ने सबरीमाला से जुड़े मामलों और कथित भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं कराई जा रही, जिससे सरकार की मंशा पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने वादा किया कि यदि एनडीए सत्ता में आती है तो इन मामलों की गहन जांच कर दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।
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Ms. Pooja, |
