“एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता” — ईरान-अमेरिका तनाव पर विदेश मंत्रालय की चिंता

Iran US tensions

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई है। Ministry of External Affairs (MEA) ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे लगभग एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और भलाई सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मौजूदा हालात केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक असर डाल सकते हैं। यदि संघर्ष और बढ़ता है तो इसका सीधा प्रभाव तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है। भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे किसी भी व्यवधान से आर्थिक दबाव में आ सकता है।

MEA ने स्पष्ट किया कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावासों को अलर्ट पर रखा गया है। जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता दी जाएगी। मंत्रालय ने यह भी कहा कि किसी भी भारतीय की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

आर्थिक मोर्चे पर मंत्रालय ने संकेत दिया कि अगर तेल की कीमतों में तेज उछाल आता है या समुद्री रास्तों में रुकावट होती है, तो इसका असर महंगाई, व्यापार संतुलन और समग्र आर्थिक वृद्धि पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता का असर भारतीय बाजारों पर तुरंत दिखाई देता है।

भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि स्थिर और शांतिपूर्ण मध्य पूर्व न केवल क्षेत्र के लिए, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।

सरकार का कहना है कि वह कूटनीतिक माध्यमों से संपर्क बनाए हुए है और हालात को बिगड़ने से रोकने के प्रयासों का समर्थन करती है। फिलहाल, भारत का मुख्य फोकस अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित आर्थिक झटकों से निपटने की तैयारी पर है।

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