उत्तर भारत में दिखा ठंड का कहर, दिल्ली में पिछले 13 सालों का रिकॉर्ड टूटा

Cold wave 1

देश की राजधानी दिल्ली इस समय जिस ठंड का सामना कर रही है, उसने न सिर्फ आम लोगों को हैरान कर दिया है बल्कि मौसम विज्ञानियों को भी नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर दिया है. सुबह-सुबह ठिठुरन इतनी तेज है कि लोग धूप निकलने का बेसब्री से इंतजार करते हैं. इस बार सर्दी केवल एक मौसम नहीं, बल्कि एक ऐसा अनुभव है, जिसने दिल्ली को पहाड़ों से भी ज्यादा ठंडा महसूस करा दिया है.

16 जनवरी से कम होगी ठंड

IMD के अनुसार, 16 जनवरी से दिल्ली के न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इससे पहले ठंड का असर पूरी तरह बना रहेगा। 15 से 19 जनवरी के बीच सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई गई है। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग ने बताया कि 15 और 16 जनवरी को दोपहर के समय 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के असर से 16 जनवरी के बाद रात के तापमान में क्रमशः सुधार के आसार हैं।

पिछले 13 सालों का रिकॉर्ड टूटा

दिल्ली में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले 13 सालों में सबसे कम है. इससे पहले पालम में 7 जनवरी 2013 को न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था, जो लगभग दो दशकों में सबसे कम था. पालम का एक असाधारण रिकॉर्ड भी है, जब 11 जनवरी 1967 को तापमान शून्य से नीचे गिरकर माइनस 2.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब तक का सबसे कम तापमान है.

उत्तर भारत में भी ठंड से लोग परेशान

सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। राजस्थान और हरियाणा के कई इलाकों में तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है। हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री और नारनौल में 1.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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