साल 2026 में क्या पाया और क्या खोया पर नज़र डालें तो भारतीय खेलों की बड़ी उपलब्धि यह रही कि हमें एक बार फिर से कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी मिल गई है l जी हाँ यही जाते साल की सबसे बड़ी खबर भी बनी l इसमें दो राय नहीं कि हम हमेशा से अच्छे मेजबान के रूप में जाने जाते हैं लेकिन इस बार के खेल फोकट में मिले हैं l क्योंकि टक्कर में कोई नहीं था इसलिए हमने बाजी मार ली l
क्रिकेट की बात करें तो महिला टीम का विश्व ख़िताब और पुरुष टीम की अनेक उपलब्धियों ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को जरूर आनंदित किया l लेकिन जहाँ तकओलंपिक खेलों ( हालांकि क्रिकेट भी ओलंपिक खेल बनने जा रहा है ) की बात है तो अपने तथाकथित राष्ट्रीय खेल हॉकी में नीचे फिसलने का सिलसिला बरकरार रहा l एफ आई एच रैकिंग में भारत नौ टीमों में आठवें स्थान पर रहा तो महिला खिलाड़ी श्रेष्ठता क्रम में दूर दूर तक नज़र नहीं आईं l क्रिकेट के बाद देश के सबसे लोकप्रिय खेल फुटबाल की बात करें तो एक और साल पंचर फुटबाल की हवा निकलने की कहानी रहा l फेडरेशन के भ्र्ष्टाचार के चलते भारतीय फुटबाल दुनियाभर में थू थू की पात्र बनी l फिलहाल फुटबाल की बर्बादी की कहानी का क्लॉइमैक्स चल रहा है l
भारतीय एथलेटिक अपने सुपर स्टार नीरज चोपड़ा के इर्द गिर्द दौड़ती नज़र आई l लेकिन इतना तय है कि शादीशुदा नीरज को ख्याति के अनुरूप प्रदर्शन करने के लिए अपना श्रेष्ठ देने की ज़रूरत है l कोई बड़ी महिला एथलीट उभर कर नहीं आई तो जिम्नास्टिक, तैराकी आदि खेलों में गहराई तक डूब गए l बैडमिंटन, टेनिस कुश्ती, मुक्केबाजी,भरोतोलन, तीरन्दाजी आदि खेलों में भी कोई बड़ा तीर नहीं चलाया l लेकिन दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने नशाखोरी में अव्वल स्थान अर्जित कर बता दिया कि हमारे खेल कहाँ जा रहे हैं l साल ने जाते जाते हमारे खेलों की शर्मनाक नब्ज़ को एक्सपोज कर दिया l
पेरिस ओलंपिक में 100 ग्राम से पदक चूकने वाली पहलवान से विधायक बनी विनेश फोगाट ने वापसी की घोषणा कर कुछ लोगों की नींद जरूर उड़ाई है l लेकिन महिला खिलाड़ियों से बदसलूकी के मामले ज़ारी हैं रोज ही कोई ना कोई शर्मनाक खबर भारतीय खेलों का मखौल उड़ा जाती है l
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Rajender Sajwan, Senior, Sports Journalist |
