उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में आयोजित ‘एकता पदयात्रा’ के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की, जो प्रदेश के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों की दैनिक दिनचर्या में बदलाव लाने जा रही है. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश के हर स्कूल में अब ‘वंदे मातरम्’ का नियमित और अनिवार्य रूप से गायन कराया जाएगा. यह निर्णय न केवल शिक्षा जगत में नई चर्चा का विषय बना है, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भावनाओं को लेकर भी व्यापक बहस की शुरुआत कर सकता है.
वंदे मातरम् का गायन हुआ अनिवार्य
मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शासन की ओर से सभी बेसिक, माध्यमिक और निजी विद्यालयों को इसका निर्देश भेज दिया जाएगा. स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को प्रत्येक दिन गाया जाएगा और यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रशासन और प्रबंध समिति की होगी.यह निर्णय उन जिलों के लिए भी महत्त्वपूर्ण होगा, जहाँ अभी तक केवल साप्ताहिक या विशेष अवसरों पर ही वंदे मातरम् का आयोजन होता था. अब इसे पूरी तरह नियमित रूप दिया जाएगा.
क्या है कारण ?
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कहा है कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता, स्वतंत्रता आंदोलन, और देशभक्ति चेतना का प्रतीक है। मंत्र यही है कि अगर बच्चों से रोज-रोज इसे गायन के माध्यम से जोड़ा जाए, तो उनमें देशप्रेम-भावना और राष्ट्र-चेतना विकसित होगी। सरकार ने यह भी कहा कि किसी भी धर्म, जाति या भाषा को देश से ऊपर नहीं माना जा सकता; इसलिए यह कदम सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा देने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री योगी ने संबोधन में क्या कहा ?
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं है. देशभक्ति, संस्कृति और राष्ट्रीय गौरव को मजबूत करने के लिए विद्यालयों में बच्चों को ‘वंदे मातरम्’ जैसे रचनात्मक और प्रेरणादायक गीतों के माध्यम से जोड़ना आवश्यक है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक चेतना, आत्मगौरव और राष्ट्र का प्रतीक है.
××××××××××××××
Telegram Link :
For latest news, first Hand written articles & trending news join Saachibaat telegram group
https://t.me/joinchat/llGA9DGZF9xmMDc1