बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है और सभी राजनीतिक पार्टी अपने-अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर रहे हैं। सभी पार्टी बिहार के हर एक विधानसभा क्षेत्र से अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर रहे हैं इसके साथ ही कई उम्मीदवारों ने अपना नामांकन भी दाखिल कर लिया है। इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव बाकी के वर्षों से काफी अलग सुर्खियों में रहा है। क्योंकि इस बार जब से बिहार विधानसभा चुनाव का ऐलान हुआ उसे वक्त चुनाव आयोग ने SIR सर्वे करने का ऐलान कर दिया। जब से यह सर्वे शुरू हुआ है तब से लगातार पक्ष और विपक्ष एक दूसरे हमलावर है। तो वही आपको बता दे की सभी पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं और कई उम्मीदवारों ने अपने सीट से नामांकन भी दाखिल कर दिया। आपको बता दें कि मढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र से चुनावी दौड़ में शामिल चार प्रत्याशियों के नामांकन रद्द होने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। निर्वाचन पदाधिकारी सह एसडीओ निधि राज ने शनिवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि की। जिन उम्मीदवारों के नामांकन निरस्त किए गए हैं, उनमें एनडीए समर्थित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की उम्मीदवार और जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री सीमा सिंह, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के आदित्य कुमार, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष और बागी प्रत्याशी अल्ताफ आलम राजू, तथा निर्दलीय विशाल कुमार शामिल हैं।
सीमा सिंह का नामांकन फॉर्म तकनीकी खामी के कारण रद्द
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की उम्मीदवार सीमा सिंह का नामांकन फॉर्म B में तकनीकी त्रुटि पाए जाने के कारण खारिज किया गया। जानकारी के अनुसार, उन्होंने नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन दोपहर लगभग तीन बजे अपना पर्चा दाखिल किया था। निर्वाचन आयोग की ओर से उन्हें गड़बड़ी सुधारने और संशोधित फॉर्म शाम तक जमा करने का अवसर दिया गया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने तक संशोधित फॉर्म प्रस्तुत नहीं किया जा सका। नतीजतन, उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई।सीमा सिंह मूल रूप से बरबीघा की निवासी हैं और उन्हें चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) ने अधिकृत प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा था। उनके नामांकन रद्द होने के बाद एनडीए खेमे में असमंजस की स्थिति बन गई है।
अन्य तीन उम्मीदवारों की दावेदारी भी खत्म
इसी क्रम में बसपा के उम्मीदवार आदित्य कुमार, जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे अल्ताफ आलम राजू जिन्होंने बागी रुख अपनाते हुए निर्दलीय तौर पर नामांकन किया था—और निर्दलीय विशाल कुमार के नामांकन भी जांच के दौरान खामियां पाए जाने पर निरस्त कर दिए गए हैं।नामांकन रद्द होने से मढ़ौरा सीट का चुनावी समीकरण अब पूरी तरह बदल गया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इन चार प्रत्याशियों के बाहर हो जाने से मुकाबला अब कुछ प्रमुख उम्मीदवारों तक सीमित हो सकता है, जिससे इस सीट पर नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।
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