New Delhi: केंद्र सरकार के करीब 1.2 करोड़ कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की घोषणा का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं. जनवरी 2025 में सरकार ने इसके गठन की घोषणा तो कर दी थी, लेकिन अब तक आयोग के संदर्भ की शर्तें (ToR) को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है. इस देरी के कारण 1 जनवरी 2026 से इसके लागू होने की समयरेखा पर संशय गहराता जा रहा है. हालांकि, सूत्रों के अनुसार चाहे इसमें कितना भी विलंब हो, आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से ही लागू मानी जाएंगी, जिससे कर्मचारियों को बकाया (arrears) का लाभ मिल सकेगा।
7वें वेतन आयोग में भी हुई थी देरी
सरकारी रिकॉर्ड पर नज़र डालें तो पहले के वेतन आयोगों को गठन से लेकर सिफारिशों के क्रियान्वयन तक आमतौर पर दो से तीन साल का समय लगता रहा है. उदाहरण के तौर पर, 7वें वेतन आयोग की घोषणा सितंबर 2013 में हुई थी, जबकि इसकी सिफारिशें जनवरी 2016 से लागू की गईं. यही कारण है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने में देरी के बावजूद कर्मचारियों को पिछली तिथि से लागू बकाया वेतन मिलने की उम्मीद है।
कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
आयोग के गठन में हो रही देरी के बावजूद, कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ी चर्चा मिनिमम बेसिक सैलरी और फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर है. 7वें वेतन आयोग के अनुसार, मौजूदा न्यूनतम वेतन ₹18,000 है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग में लेवल-1 कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹44,000 तक बढ़ सकती है. वहीं फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.86 के बीच रहने की संभावना जताई जा रही है.
त्योहारों से पहले मिली राहत: DA और DR में 3% की बढ़ोतरी
इस बीच, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दशहरा और दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है. सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. इसके बाद महंगाई भत्ता 55% से बढ़कर 58% हो गया है. यह वृद्धि 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगी. कर्मचारियों को जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का बकाया अक्टूबर के वेतन के साथ दिया जाएगा, जिससे त्योहारी सीजन में उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहारा मिलेगा।
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Ms. Pooja, |
