भारतीय वायुसेना देश की रक्षा के लिए हर मोर्चे पर चाक चौबंद है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि वायुसेना भारतीय फुटबाल के उत्थान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है l देश के सबसे बड़े आयोजनों – डूरंड कप और तीन स्कूली टूर्नामेंट जिन्हें सुब्रतो मुकर्जी स्कूली टूर्नामेंट के नाम से जाना जाता है, वायुसेना की सुब्रतो मुकर्जी फुटबाल टूर्नामेंट सोसाइटी द्वारा आयोजित किए जाते हैं l लेकिन वायुसेना ना सिर्फ फुटबाल को प्रोत्साहन दे रही है, भारतीय फुटबाल में व्याप्त फ़र्ज़ीवाड़े को उजागर कर फुटबाल की गंदगी को भी साफ करने में बड़ी भूमिका निभा रही है l
पिछले साठ सालों से वायुसेना द्वारा स्कूली फुटबाल को प्रोत्साहन दिया जा रहा है l फौज के अनुशासन के चलते 15 और 17 साल के स्कूली खिलाड़ी इन आयोजनों में भाग लेते आ रहे हैंl लेकिन हर बार बड़ी उम्र के खिलाड़ी खेल बिगाड़ने पहुँच जाते हैं, जिनमे से कुछ एक पकड़ में आते हैं l हमेशा की तरह इस बार भी उम्र का फ़र्ज़ीवाड़ा चल रहा है l लेकिन बंगलौर में खेले जा रहे अंडर 15 बालक वर्ग के आयोजन में तमाम रिकार्ड धुल गए हैं l आयोजन समिति के अनुसार 20 से 22 प्रदेशों के स्टेट चैंपियन स्कूलों के अधिकांश खिलाड़ी बड़ी उम्र के पाए गए हैं l नतीजन सभी को बिना खेले बाहर का रास्ता देखना पड़ा है l इस कदम की हर कोई तारीफ कर रहा है l
भले ही धोखाधड़ी में शामिल चैंपियन स्कूल बहाने बना रहे हैं लेकिन उम्र और डोप के फर्जीवाड़े में बर्बाद हो रही भारतीय फुटबाल के पिछड़ने का असल कारण अब समझ आ रहा है l सुब्रतो फुटबाल में भाग लेने वाले स्कूलों के गोरख धंधे का आयोजकों ने इस बार पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है l 35 प्रदेशों के चैंपियन स्कूलों में से मात्र 13 को हरी झंडी दिखाई गई है l फर्जीवाड़ा करने वाले स्कूलों के आधे से ज्यादा खिलाड़ी बड़ी उम्र के पाए गए हैं l
सूत्रों के अनुसार उम्र की धोखाधड़ी करने वाले स्कूलों में मणिपुर, वायु सेना स्कूल, आर्मी बॉय कोय, असम, सीबीएसई, छत्तीसगढ़, दादर और नगर हवेली, दिल्ली, गोवा, केरल, महाराष्ट्र, मेघालय, एनसीसी, सैनिक स्कूल, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और श्रीलंका शामिल हैं, जिन्हे बाहर का रास्ता दिखाया गया है l
अर्थात अब बैंगलोर में होने वाले अंडर-15 फुटबॉल टूर्नामेंट में केवल 13 टीमें ही हिस्सा लेंगी। ये टीमें हैं: चंडीगढ़, सीआईएससीई, आईपीएससी, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, नागालैंड, बिहार, एनबीएस, पश्चिम बंगाल और आईएसएसओ।
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Rajender Sajwan, Senior, Sports Journalist |
