देशभर में मानसून का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण आम जनजीवन अस्त व्यस्त है और लोगों को खराब मौसम के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तो वही मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में और पहाड़ी राज्यों में दुखद हादसे हो रहे हैं। पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड के कारण कई घर तबाह हो गए तो वहीं कुछ लोगों की जान चली गई। अभी भी मानसून का दौर जारी है और कई राज्यों में इसका असर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण आम लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई राज्यों के निचले इलाके में बारिश के कारण लोगों के घरों में पानी भर गया है तो वहीं सड़कों पर पानी जमा हो गया है ।जिस कारण लोगों को सफर तय करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तो वही मानसून की मार से राजधानी दिल्ली भी नहीं बचा है राजधानी दिल्ली में भी लोग परेशान हैं। और बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है।दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार खतरनाक स्तर की ओर बढ़ रहा है। हालात को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मंगलवार शाम से पुरानी दिल्ली रेलवे ब्रिज पर यातायात और आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी जाए।
डीएम का डीआरएम को पत्र
दिल्ली सरकार ने इस समस्या को देखते हुए तुरंत एक्शन मूड में आ गई है और इस समस्या से जुड़ी अधिकारी का फैसला ले रहे हैं। दिल्ली के जिलाधिकारी ने इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक को एक आधिकारिक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने केंद्रीय जल आयोग की ओर से जारी ताज़ा चेतावनी का ज़िक्र किया है। आयोग ने साफ कहा है कि ऊपरी यमुना जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश और हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।सीडब्ल्यूसी के अनुमान के मुताबिक, 2 सितंबर की शाम 5 बजे से रात 8 बजे के बीच यमुना का स्तर पुरानी दिल्ली रेलवे ब्रिज पर 206 मीटर तक पहुंच सकता है। यह स्तर खतरे की रेखा 205.33 मीटर से काफी ज्यादा है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का संकट गहराने की आशंका है।
यातायात और रेल संचालन पर असर
जिलाधिकारी ने साफ निर्देश दिया है कि मंगलवार शाम 5 बजे से पुल पर सभी तरह की गतिविधियां रोक दी जाएं। यह कदम यात्रियों और रेल संचालन दोनों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वैकल्पिक मार्ग और यातायात व्यवस्था जल्द घोषित की जाएगी ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।प्रशासन का दावा है कि हालात पर चौबीसों घंटे कड़ी नज़र रखी जा रही है। बाढ़ पूर्वानुमान केंद्रों से मिलने वाली हर जानकारी के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और बाढ़ की आशंका से निपटने की पूरी तैयारी है।
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