उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से मची भारी तबाही, खीर गंगा में बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त

Cloudburst News

देशभर में मानसून का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई राज्यों में बाढ़ के हालात बन गए हैं और आम जनजीवन अस्त व्यस्त है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 6 साल बाद भारी बारिश का रिकॉर्ड दर्ज किया गया तो वही मध्य प्रदेश में भी लगातार मानसून का दौर जारी है और कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। इसी के साथ पहाड़ी क्षेत्र जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड ,हिमाचल प्रदेश में भी लगातार बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त है।बता दे कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में मंगलवार को कुदरत ने अपना कहर बरसाया है। धराली गांव में अचानक बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। कुछ ही पलों में पहाड़ों से मलबा तेजी से नीचे की ओर बहने लगा और पूरा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया। यह भयावह मंजर इतना तीव्र था कि लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही तबाही उनके दरवाज़े तक पहुँच गई।धराली गांव का नज़ारा अब किसी भयावह मंजर से कम नहीं है। सैलाब के साथ आए भारी मलबे ने कई घरों को या तो पूरी तरह ढहा दिया या तेज बहाव में बहा ले गया। घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में देखा जा सकता है कि कैसे इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र को बर्बादी की कगार पर ला खड़ा किया है। गांव की सैटेलाइट तस्वीरों से भी यह साफ नजर आ रहा है कि घटना से पहले और बाद में गांव की स्थिति में कितना बड़ा अंतर आया है। बता दे की इस अचानक आई आपदा से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोग अपने घर छोड़कर जान बचाने के लिए भागने लगे। प्रशासन ने पुष्टि की है कि अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 40 से अधिक लोग लापता हैं। इसके अलावा करीब 100 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य तेज़ी से जारी है, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम भूगोल राहत कार्य में बाधा बन रहे हैं।धराली गांव के पास बहने वाली खीर गंगा नदी में अचानक आई बाढ़ से हालात और गंभीर हो गए। पानी का बहाव इतना तेज़ था कि वहां मौजूद पांच होटल पूरी तरह से बह गए। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इन होटलों के मलबे में 10 से 12 मजदूरों के दबे होने की संभावना है। इसके अलावा कुछ पर्यटकों के भी क्षेत्र में फंसे होने की जानकारी सामने आई है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि हादसे वाले स्थान के पास कई होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट थे, जो अब पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, राहत कार्य तेज़

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक जताया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत-बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। मौके पर NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं और युद्धस्तर पर कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने जनता से संयम बनाए रखने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि वह प्रशासन पर भरोसा रखें और उनके द्वारा दिए गए दिशा निर्देश का पालन करें। अचानक से आए इस आपदा ने सभी लोगों को परेशान कर दिया है। लोग बुरी तरह से डरे हुए हैं और प्रशासन लगातार उनकी मदद के लिए राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पर गहन दुख जताते हुए लोगों को संयम के साथ रहने की अपील की है।

हेल्पलाइन नंबर जारी

आपदा से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि लोग अपनों की जानकारी ले सकें या किसी तरह की मदद प्राप्त कर सकें। जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर हैं – 01374-222126, 01374-222722 और 9456556431। इन नंबरों के जरिए लोग राहत कार्यों से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।.उत्तरकाशी की धरती इस वक्त एक दर्दनाक आपदा से गुजर रही है। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन मौसम की चुनौती और दुर्गम इलाकों तक पहुंचने में आ रही दिक्कतें कार्य को और भी कठिन बना रही हैं। इलाके के लोगों के लिए यह एक असहनीय त्रासदी बन चुकी है। इस विनाशकारी दुर्घटना में फंसे लोगों के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है । ताकि अगर उन्हें किसी तरह की मदद की आवश्यकता हो या वह कहीं पर फंसे हो तो इस नंबर के जरिए प्रशासन से संपर्क कर अपने आप को सुरक्षित कर सके.

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