भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO और अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA की साझेदारी से बना उपग्रह ‘निसार’ (NISAR) बुधवार को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया। इसे आंध्र प्रदेश के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F16 रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया। यह अब तक का दुनिया का सबसे महंगा पृथ्वी स्कैनर मिशन है, जिसकी लागत लगभग 1.5 अरब डॉलर यानी करीब 12,500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन से हुई लॉन्चिंग
निसार की लॉन्चिंग आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से हुई। इसे जीएसएलवी के एफ-16 रॉकेट से लॉन्च किया गया है। सैटेलाइट को सूर्य-समकालिक ध्रुवीय कक्षा में स्थापित किया जाएगा। निसार दुनिया का पहला रडार सैटेलाइट है, जो अंतरिक्ष से पृथ्वी को व्यवस्थित तरीके से मैप करेगा।
निसार में क्या है खास?
निसार एक ऐसा उपग्रह है जो हर मौसम और हर समय पृथ्वी का स्कैन कर सकता है। यह हर 12 दिन में पूरी पृथ्वी की सतह को स्कैन करेगा। इसमें दो खास रडार लगे हैं – ISRO का S-बैंड और NASA का L-बैंड, जो इसे दुनिया का पहला दोहरी आवृत्ति वाला रडार सैटेलाइट बनाते हैं। यह भूकंप, भूस्खलन, ग्लेशियरों के पिघलने, जंगलों, खेतों और पहाड़ों में हो रहे बदलावों पर नजर रखेगा।
भूकंप की देगा आकलन करने में करेगा मदद
निसार पारिस्थितिकी तंत्र में गड़बड़ी की निरंतर निगरानी को सक्षम करेगा और भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी विस्फोट और भूस्खलन जैसे प्राकृतिक खतरों का आकलन करने में मदद करेगा। इसकी मदद से पहली बार पृथ्वी को दोहरे आवृत्ति सिंथेटिक एपर्चर रडार का उपयोग करके देखा जाएगा।
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