नीरव मोदी की अमेरिका में गिरफ्तारी की गई.अमेरिकी अभियोजकों द्वारा प्रत्यर्पण की कार्यवाही दो आरोपों पर की गई, जिसमें धन शोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 की धारा 3 के तहत धन शोधन का एक मामला और दूसरा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) व 201 (फरार होने) के तहत आपराधिक साजिश का मामला शामिल है। निहाल (46 साल) पंजाब नेशनल बैंक से जुड़े कथित 13,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में आरोपी है।
PNB घोटाले में शामिल होने था आरोप
अमेरिका में LLD डायमंड्स के साथ धोखाधड़ी के अलावा निहाल मोदी पर 13,600 करोड़ रुपए के PNB घोटाले में शामिल होने और सबूत मिटाने का आरोप है। ED और CBI की जांच में पता चला है कि निहाल ने नीरव मोदी की मदद में अहम भूमिका निभाई थी। फर्जी कंपनियों का इस्तेमाल करके गैर-कानूनी पैसे को छिपाया था।
जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्व कदम
नीरव मोदी खुद इस समय ब्रिटेन में प्रत्यर्पण प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं. नेहल मोदी के प्रत्यर्पण मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई 2025 को तय की गई है. जिसमें स्थिति की समीक्षा होगी. इस सुनवाई के दौरान नेहल मोदी जमानत की अर्जी भी दे सकते हैं, जिसे अमेरिकी अभियोजन पक्ष विरोध करेगा. यह गिरफ्तारी भारत की जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
2.6 मिलियन का धोखाधड़ी
निहाल पर दुनिया की सबसे बड़ी हीरा कंपनियों में से एक, LLD डायमंड्स यूएसए से 2.6 मिलियन डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी का आरोप है। जांच में दावा किया गया है कि निहाल मोदी ने कॉस्टको के साथ डील पक्की करने का बहाना बनाकर कंपनी से हीरे धोखे से हासिल किए। लेकिन ये डील कभी पूरी नहीं हुई। इसके बाद निहाल मोदी ने उन हीरों को बेच दिया और व्यक्तिगत फायदे के लिए गिरवी रख दिया
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