कुछ साल पहले देश की एक जानी मानी जिम्नास्ट डोप टेस्ट में धरी गई थी l लेकिन वह तब तक तमाम राष्ट्रीय खेल अवार्ड ले चुकी थी l उसे प्रतिबंध झेलना पड़ा लेकिन वह फिर से वापस लौटी और अकड़ धकड़ दिखा कर कुछ और लाभ पाने में सफल रही l इसी प्रकार छोटी दूरी की एक एथलीट भी नाडा -वाडा की पकड़ में आई l उसने भी खुद को निर्दोष बताया l तमाम राष्ट्रीय सम्मान ले उडी और अब सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का सुख भोग कर रही है l कई अन्य महिला और पुरुष एथलीट भी नशाखोर निकले लेकिन उन्हें सस्ते में छोड़ दिया गया l सिर्फ एथलीट ही नहीं, मुक्केबाज, पहलवान, वेट लिफ्टर और मार्शल आर्ट्स और अन्य खेलों से जुड़े अनेक भारतीय खिलाड़ी डोप लेने क़े दोषी पाए गए हैँ, जिनके नाम गुप्त रखने या उनका बचाव करने की भरसक कोशिश की जाती रही है l खेल संघो, आई ओ ए और खेल मंत्रालय ने बदनामी के डर से नशाबाज खिलाड़ियों की करतूतों पर धूल डालने की भरसक कोशिश की लेकिन अब दूध का दूध हो गया है l वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा ) ने 2023 क़े आंकड़ों को आधार बना कर भारत को दुनिया का सबसे बड़ा नशाखोर खेल राष्ट्र घोषित कर दिया है l इस दौड़ में भारत ने अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी,फ़्रांस आदि अग्रणी ताकतों को भी पीछे छोड़ दिया है l
भले ही भारत सरकार, खेल मंत्रालय और देश क़े तमाम खेल संघ बड़े बड़े दावे करें, लेकिन 150 करोड़ की आबादी वाला देश खेलों में महां फिसड्डी बन कर रहा गया है l ताज़ा रिपोर्ट क़े अनुसार भारत यदि किसी हुनर में अव्वल है तो वह नशाखोरी ही हैl ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारी राष्ट्रीय एजेंसी नाडा गंभीर नहीं है और वाडा क़े निर्देशों क़े अनुपालन में ढिलाई बरती जा रही है l
हैरानी इस बात की है कि भारत खेलों में दुनिया का सबसे फिसड्डी राष्ट्र है l अमेरिका, चीन, रूस, जापान, कोरिया, फ़्रांस, जर्मनी और दर्जनों अन्य देश ओलम्पिक और अन्य विश्व स्तरीय मुकाबलों में अधिकांश पदक लूट ले जाते हैँ l लेकिन हमारे खेल आका, अधिकारी और खिलाड़ी तमाम गलत हथकंडे अपना कर भी सबसे पीछे रह जाते हैँ l यह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़े शर्म की बात तो है ही l साथ ही देश का नाम भी खराब हो रहा है l
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Rajender Sajwan, Senior, Sports Journalist |
