भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख: हाई कोर्ट जज पर महाभियोग प्रस्ताव की तैयारी

justice yashwant verma

New Delhi: भारत सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे जस्टिस वर्मा को हाल ही में इलाहाबाद स्थानांतरित किया गया था। संसद के आगामी मानसून सत्र में इस प्रस्ताव को लाने के लिए सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों से बातचीत कर रही है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि वह चाहते हैं कि सभी राजनीतिक दल इस संवेदनशील मामले में एकमत होकर आगे आएं, क्योंकि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार एक बेहद गंभीर मुद्दा है।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया, समर्थन और सतर्कता

महाभियोग प्रस्ताव को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं। वामपंथी दलों ने प्रस्ताव का खुलकर समर्थन किया है। सीपीआई के महासचिव डी राजा ने कहा कि न्यायपालिका की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाइयाँ ज़रूरी हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया में न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होनी चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी अभी अपने रुख को सार्वजनिक नहीं कर रही है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता तारिक अनवर ने कहा कि इस मुद्दे पर INDIA गठबंधन की बैठक बुलाकर साझा रणनीति बनानी चाहिए ताकि निर्णय सोच-समझकर और एकजुटता से लिया जा सके।

लोकतांत्रिक सहमति पर ज़ोर, आरजेडी ने भी दिए सकारात्मक संकेत

आरजेडी की ओर से भी प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। पार्टी सांसद मनोज झा ने कहा कि यह विषय बेहद संवेदनशील और जटिल है, लेकिन उनकी पार्टी समय आने पर उचित निर्णय लेगी। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री से सहमति को लोकतंत्र की आत्मा बताया, साथ ही सरकार पर यह सवाल भी उठाया कि सहमति की भावना कुछ विशेष अवसरों पर ही क्यों दिखाई देती है। झा ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में उनकी पार्टी ने संसद में एक अन्य मुद्दे पर विशेष सत्र की मांग की थी, जिसे सरकार ने अस्वीकार कर दिया था।

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Pooja Kumari Ms. Pooja,
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